Belgium के विदेश मंत्री Maxime Prevot ने इसराइल की लेबनान में सैन्य कार्रवाई को पूरी तरह गलत बताया है। उन्होंने यूरोपीय संघ (EU) से मांग की है कि इसराइल के साथ हुए समझौते को कम से कम आंशिक रूप से रोक दिया जाए। यह मामला अब यूरोपीय देशों के बीच एक बड़ी चर्चा का विषय बन गया है।

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यूरोपीय संघ और UN के विशेषज्ञों का क्या कहना है?

Belgium के साथ-साथ Spain, Slovenia और Ireland ने भी इस समझौते को रोकने पर चर्चा करने की औपचारिक मांग की है। इससे पहले UN के विशेषज्ञों ने भी इसे जरूरी बताया था क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। इस मांग को लेकर एक याचिका पर 11 लाख से ज्यादा लोगों ने साइन किए हैं, जिससे यूरोपीय कमीशन पर अब दबाव बढ़ा है।

यह समझौता क्या है और इसे रोकने का नियम क्या है?

EU-Israel Association Agreement साल 2000 से लागू है, जो दोनों के बीच व्यापार, राजनीति और विज्ञान से जुड़े रिश्तों को संभालता है। इसे रोकने के लिए यूरोपीय कमीशन को एक प्रस्ताव लाना होगा, जिसे काउंसिल में बहुमत से पास होना होगा। इसमें कम से कम 15 सदस्य देशों की सहमति और 65 प्रतिशत आबादी का समर्थन चाहिए होता है।

मुख्य जानकारी विवरण
तारीख 21 अप्रैल 2026
मुख्य व्यक्ति Maxime Prevot (विदेश मंत्री, Belgium)
मांग EU-Israel समझौते को आंशिक रूप से रोकना
समर्थन देने वाले देश Spain, Slovenia, Ireland
याचिका साइन 11 लाख से ज्यादा
कारण लेबनान में इसराइल की कार्रवाई और मानवाधिकार उल्लंघन
समझौते की शुरुआत जून 2000
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.