ईरान द्वारा खाड़ी देशों (Gulf countries) में किए जा रहे हालिया हमलों के बाद बेल्जियम और लक्जमबर्ग ने GCC देशों का खुलकर समर्थन किया है। 17 मार्च 2026 को ब्रुसेल्स (Brussels) में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई जिसमें बेल्जियम के विदेश मंत्री Maxime Prévot, लक्जमबर्ग के विदेश मंत्री Xavier Bettel और GCC देशों के राजदूत शामिल हुए। इस दौरान ईरान के हमलों को अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया गया और खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा पर जोर दिया गया।

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बैठक में किन बातों पर हुई चर्चा?

ब्रुसेल्स में हुई इस बैठक में ईरान की उन हालिया सैन्य कार्यवाहियों की निंदा की गई जिनमें नागरिक ठिकानों और तेल कंपनियों को निशाना बनाया गया है। इसमें विशेष रूप से अबू धाबी (Abu Dhabi) में हुए मिसाइल हमले का जिक्र किया गया जिसमें आम लोगों को नुकसान पहुंचा था।

  • यूरोपीय मंत्रियों ने कहा कि GCC देशों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के Article 51 के तहत अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है।
  • GCC देशों के महासचिव Jasem Al-Budaiwi ने साफ किया कि खाड़ी देशों की जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमला करने के लिए नहीं किया जाएगा।
  • खाड़ी देशों के एयर डिफेंस सिस्टम को और मजबूत करने के लिए यूरोपीय देशों ने तकनीकी मदद देने की पेशकश की है।

यात्रियों और आम लोगों पर असर

मध्य पूर्व में बढ़ रहे इस तनाव का असर सीधा आम जनजीवन और यात्रा पर भी पड़ रहा है। ब्रुसेल्स एयरपोर्ट पर मध्य पूर्व से आने और जाने वाली कई फ्लाइट्स को कैंसिल कर दिया गया है जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और बाब अल-मंडेब के रास्ते होने वाली सप्लाई चेन को लेकर भी चिंता जताई गई है। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि खाड़ी देशों की सुरक्षा वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए बहुत जरूरी है और कूटनीति के जरिए जल्द से जल्द शांति बहाल की जानी चाहिए।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.