प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार, 25 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में बड़ी छापेमारी की है। एजेंसी ने कोलकाता, बर्धमान और हाबरा में कुल 9 ठिकानों पर सुबह से ही तलाशी अभियान चलाया। यह पूरी कार्रवाई सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में हुए एक बड़े घोटाले की जांच के सिलसिले में की गई है।

PDS घोटाले में क्या हुआ और कितनी रकम का मामला है?

इस घोटाले में गरीबों के लिए आने वाले PDS गेहूं की हेराफेरी का आरोप है। बताया जा रहा है कि गेहूं को गलत तरीके से कम दामों पर खरीदा गया और फिर सरकारी निशान हटाकर उसे खुले बाजार में बेचा गया या विदेश भेजा गया। ED के मुताबिक यह घोटाला करीब 10,000 करोड़ रुपये का है। इस मामले की शुरुआत अक्टूबर 2020 में बसीरहाट पुलिस द्वारा दर्ज एक FIR से हुई थी। यह कार्रवाई Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002 के तहत की गई है।

छापेमारी किन लोगों पर हुई और कौन आरोपी हैं?

इस बार की छापेमारी Niranjan Chandra Saha और उनके करीबियों के ठिकानों पर हुई है। इसमें Sagar Enterprises, Adarsha International और Maa Annapurna Rice Concern जैसी कंपनियों के मालिकों की तलाशी ली गई। इस घोटाले में पूर्व खाद्य मंत्री Jyoti Priya Mallick पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं, जो फिलहाल जमानत पर बाहर हैं और चुनाव लड़ रहे हैं। इनके अलावा Sahabuddin Sk और Sahidur Rahaman जैसे लोगों को भी पहले गिरफ्तार किया गया था। यह सारी कार्रवाई पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से ठीक पहले हुई है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.