अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग ने अब आम लोगों की जेब पर असर डालना शुरू कर दिया है। अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं, जिससे वहां के आम परिवार परेशान हैं। इसी बीच सीनेटर Bernie Sanders ने इस युद्ध को तुरंत रोकने की मांग की है ताकि महंगाई से राहत मिल सके।

पेट्रोल के दाम और Bernie Sanders की मांग

सीनेटर Bernie Sanders ने कहा कि 28 फरवरी 2026 को जब से यह जंग शुरू हुई है, तब से पेट्रोल के दाम बहुत बढ़ गए हैं। उन्होंने बताया कि पेट्रोल की कीमत 2.98 डॉलर से बढ़कर 4.55 डॉलर प्रति गैलन हो गई है। Sanders का कहना है कि सरकार को अरबों डॉलर युद्ध में खर्च करने के बजाय अमेरिकी जनता की जरूरतों पर पैसा लगाना चाहिए। उन्होंने इस युद्ध को दुनिया के नियमों के खिलाफ और गलत बताया है।

समुद्र में तनाव और मिलिट्री एक्शन

US Central Command (CENTCOM) ने बताया कि 8 मई 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरान के मिलिट्री ठिकानों पर हमले किए। यह कार्रवाई ईरान द्वारा अमेरिकी जहाजों पर किए गए हमलों के जवाब में की गई। अमेरिका ने ओमान की खाड़ी में नाकेबंदी की है और ईरान के दो तेल टैंकरों, M/T Sea Star III और M/T Seveda को रोक दिया है।

विवरण जानकारी/डेटा
पेट्रोल का पुराना दाम 2.98 डॉलर
पेट्रोल का नया दाम 4.55 डॉलर
रास्ता बदले गए जहाज 57
खराब किए गए टैंकर 4
ईरान में इंटरनेट बंद 70 दिन
युद्ध के लिए मांगी गई राशि 200 अरब डॉलर

ट्रंप और ईरान सरकार का क्या कहना है

राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम (ceasefire) अभी चल रहा है, लेकिन अगर ईरान ने शांति समझौता नहीं माना तो अमेरिका और भी जोरदार हमला करेगा। वहीं, विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि अमेरिका को ईरान के जवाब का इंतजार है। दूसरी तरफ, ईरान की सरकार ने कहा कि अमेरिकी नाकेबंदी युद्धविराम का उल्लंघन है। ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने आम इलाकों पर हमले किए हैं। इस पूरे झगड़े को खत्म कराने के लिए पाकिस्तान बीच-बचाव की कोशिश कर रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Bernie Sanders ने युद्ध रोकने की मांग क्यों की है

उन्होंने यह मांग इसलिए की क्योंकि युद्ध की वजह से अमेरिका में पेट्रोल के दाम 2.98 डॉलर से बढ़कर 4.55 डॉलर हो गए हैं, जिससे आम जनता पर बोझ बढ़ रहा है।

ओमान की खाड़ी में क्या स्थिति है

अमेरिका ने वहां नाकेबंदी की है और ईरान के दो तेल टैंकरों को रोक दिया है। साथ ही 57 जहाजों का रास्ता बदलवाया गया है ताकि वे ईरानी बंदरगाहों तक न पहुंचें।