इराक के बसरा के पास ईरानी हमले का शिकार हुए भागलपुर के समुद्री इंजीनियर देवनंदन प्रसाद सिंह का पार्थिव शरीर बुधवार को पटना एयरपोर्ट पहुंचा। करीब 20 दिनों के लंबे इंतजार के बाद उनका शव परिजनों को सौंपा गया है। वह अमेरिकी तेल टैंकर ‘एमटी सेफसी विष्णु’ पर तैनात थे, जिस पर 11 मार्च को हमला हुआ था। इस घटना के बाद उनके पैतृक गांव रानी बामिया में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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इस घटना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

  • हमले की तारीख: 11 मार्च, 2026 को अमेरिकी तेल टैंकर पर हमला हुआ था।
  • घटना स्थल: यह हमला इराक के खोर अल-जुबैर बंदरगाह के पास बसरा में हुआ।
  • जहाज का नाम: मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला अमेरिकी तेल टैंकर ‘एमटी सेफसी विष्णु’।
  • बाकी चालक दल: जहाज पर मौजूद अन्य 15 भारतीय सुरक्षित बचा लिए गए थे।
  • दर्जा: मृतक इंजीनियर को ‘बैटल कैजुअलिटी’ का दर्जा नहीं मिला है।

परिजनों के आरोप और प्रशासन की कार्रवाई

देवनंदन प्रसाद सिंह के परिवार ने शिपिंग कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कंपनी ने माल लादने से जुड़ी सुरक्षा चेतावनियों को नजरअंदाज किया, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। परिवार ने भारत सरकार से मुआवजे और न्याय की गुहार लगाई थी। बगदाद स्थित भारतीय दूतावास ने घटना के तुरंत बाद शोक व्यक्त किया था और शव को वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की थी।

प्रमुख जानकारी विवरण
मृतक का नाम देवनंदन प्रसाद सिंह
निवासी रानी बामिया, कहलगांव (भागलपुर)
कंपनी का नाम ब्रावो शिपिंग / सेफसी ट्रांसपोर्ट
शव पटना पहुंचने की तारीख 1 अप्रैल, 2026
अंतिम संस्कार का स्थान पैतृक गांव, भागलपुर

क्षेत्र में तनाव और सुरक्षा चिंताएं

विदेशी मामलों के जानकारों का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता तनाव भारतीय नाविकों के लिए चिंता का विषय है। दुनिया भर में समुद्री क्षेत्र में काम करने वाले लोगों में करीब 15 प्रतिशत भारतीय हैं। भारत सरकार लगातार ईरान और अन्य देशों के संपर्क में है ताकि ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखा जा सके। देवनंदन सिंह के शव को बुधवार रात को ही उनके गांव ले जाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।