Iran War: हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ीं, बड़ी कंपनियों ने कमाए अरबों डॉलर.

ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच जारी युद्ध का सीधा असर अब आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। दुनिया के लिए बेहद जरूरी हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से ग्लोबल एनर्जी मार्केट में बड़ी हलचल मची है। इस रास्ते से दुनिया का करीब 20 फीसदी तेल गुजरता है, जिसके ठप होने की वजह से तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। दूसरी तरफ, बड़ी तेल कंपनियों ने इस स्थिति का फायदा उठाते हुए अपनी कमाई में कई गुना बढ़ोतरी दर्ज की है।
बड़ी तेल कंपनियों की भारी कमाई
इस युद्ध के माहौल में दुनिया की टॉप ऊर्जा कंपनियों का मुनाफा आसमान छू रहा है। Exxon Mobil का मुनाफा दोगुना होकर 14.5 बिलियन डॉलर पहुंच गया है, वहीं Chevron की कमाई लगभग चार गुना बढ़कर 12.07 बिलियन डॉलर हो गई है। Saudi Aramco ने भी पिछले साल के मुकाबले 44 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 32.69 बिलियन डॉलर का मुनाफा कमाया है।
यहाँ प्रमुख कंपनियों के मुनाफे का विवरण दिया गया है:
| Company | Q2 Profit |
|---|---|
| Saudi Aramco | $32.69 Billion |
| Exxon Mobil | $14.5 Billion |
| Chevron | $12.07 Billion |
| BP | $3.9 Billion |
पांच बड़ी पश्चिमी ऊर्जा कंपनियों—BP, Chevron, ExxonMobil, Shell और TotalEnergies—ने मिलकर इस दौरान करीब 47 बिलियन डॉलर का शुद्ध लाभ कमाया है।
युद्ध का असर और ओमान की मध्यस्थता
28 फरवरी 2026 को शुरू हुए इस विवाद के बाद ईरान ने जहाजों पर हमले शुरू कर दिए, जिसके कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य को टैंकरों के लिए बंद करना पड़ा। Saudi Aramco के सीईओ Amin Nasser ने चेतावनी दी है कि इस युद्ध के चलते दुनिया अब तक 2.6 बिलियन बैरल तेल का नुकसान उठा चुकी है, जो करीब एक महीने के सामान्य वैश्विक उत्पादन के बराबर है। शिपिंग रूट बदलने और ईंधन की किल्लत ने आम आदमी के लिए चीजों को और महंगा बना दिया है।
राहत की खबर यह है कि इस रास्ते को फिर से खोलने के लिए बातचीत जारी है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने बताया कि ईरान और ओमान के बीच एक साझा एंट्री और एग्जिट रूट बनाने पर समझौता हो सकता है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने भी बातचीत में प्रगति की पुष्टि की है, हालांकि अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इन कंपनियों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे इस संकट के समय बहुत ज्यादा पैसा बना रही हैं।
गल्फ देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारत आने-जाने वाले लोगों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की बढ़ती कीमतें हवाई सफर के टिकटों और दैनिक उपभोग की वस्तुओं के दाम पर सीधा दबाव डालती हैं।