12 अक्टूबर 2025 से यूरोप में एक नया सिस्टम शुरू हो रहा है जिसे EES (Entry/Exit System) कहा जाता है। अब वीज़ा स्टिकर और पासपोर्ट पर मुहरों की जगह, आपकी एंट्री और एग्ज़िट पूरी तरह डिजिटल तरीके से बायोमेट्रिक स्कैन द्वारा दर्ज की जाएगी।

EES क्या है? 

EES यानी एंट्री/एग्जिट सिस्टम एक नया डिजिटल बॉर्डर चेक सिस्टम है, जो यूरोप में आने-जाने वाले हर यात्री की जानकारी को फिंगरप्रिंट, फेस स्कैन और पासपोर्ट डेटा के साथ रिकॉर्ड करेगा।

अब जब आप किसी शेंगेन देश में प्रवेश करेंगे या निकलेंगे, तो ये चीज़ें दर्ज होंगी:

  • आपकी उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट)

  • चेहरा स्कैन (फेशियल स्कैन)

  • पासपोर्ट की जानकारी

  • आपकी एंट्री और एग्ज़िट की तारीख और जगह

यह डाटा सुरक्षित रूप से 3 साल तक या आपके पासपोर्ट के खत्म होने तक स्टोर रहेगा।

UAE से यात्रा करने वालों पर इसका क्या असर होगा?

चाहे आप UAE के नागरिक हों (जिन्हें शेंगेन ज़ोन में छोटे टूर के लिए वीज़ा की ज़रूरत नहीं) या भारतीय, पाकिस्तानी, फिलिपीनो जैसे पासपोर्ट पर वीज़ा लेकर जा रहे हों  ये नया सिस्टम आप पर भी लागू होगा।

क्या बदलेगा?

  • अब पासपोर्ट पर मुहर नहीं लगेगी  सब कुछ डिजिटल रजिस्ट्रेशन के ज़रिए होगा

  • पहली बार यात्रा करने पर फिंगरप्रिंट और फेस स्कैन लिया जाएगा

  • अगली बार से ई-गेट्स से जल्दी निकास/प्रवेश मिलेगा

  • 90/180 दिन के नियम (जितने दिन आप रह सकते हैं) का सख्ती से ट्रैकिंग होगी

कब और कहां लागू होगा ये सिस्टम?

  • शुरुआत की तारीख: 12 अक्टूबर 2025

  • पूरे 6 महीनों में सभी 29 शेंगेन देशों में लागू होगा  जैसे फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, इटली, स्विट्ज़रलैंड आदि

  • साइप्रस और आयरलैंड में लागू नहीं होगा

  • अगर आप किसी शेंगेन देश में सिर्फ ट्रांजिट (रास्ते में रुकना) भी कर रहे हैं, तब भी ये सिस्टम लागू होगा

शुरुआत में बड़े हवाई अड्डों पर कुछ देरी हो सकती है, लेकिन एयरपोर्ट्स पर स्पेशल साइन बोर्ड और स्टाफ यात्रियों को समझाने और गाइड करने के लिए मौजूद रहेंगे।

“स्मार्ट बॉर्डर” योजना का हिस्सा

यह सिस्टम “स्मार्ट बॉर्डर” योजना का हिस्सा है। साथ ही 2026 में आने वाला ETIAS वीज़ा सिस्टम (जो अमेरिका के ESTA जैसा है) भी इसी का भाग है।

इनका उद्देश्य

  • बॉर्डर सिक्योरिटी बढ़ाना

  • ओवरस्टे (ज्यादा दिन रुकने) से बचाव

  • यात्रा को तकनीक से आसान और पारदर्शी बनाना

नतीजा क्या निकलेगा?

अब जब आप यूरोप जाएंगे, तो पासपोर्ट पर मुहर नहीं, बल्कि डिजिटल स्कैन होगा। प्रक्रिया पहले से तेज़ और क्लियर होगी। यात्रा का तरीका अब स्मार्ट, तेज़ और डिजिटल हो रहा है।