बिहार को 2025 तक चार और वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें मिलने वाली हैं। कई रूटों पर बिहार में सफ़र अब और आसान होने जा रहा है इतना ही नहीं है बल्कि बिहार की राजधानी पटना में एक और ट्रेन के रख रखाव वाले इलाक़े को डेवलप किया जा रहा है।

 

कौन-कौन सी ट्रेनें चलेंगी?

  • पटना से माल्दा via भागलपुर और टाटानगर के लिए एक-एक वंदे भारत ट्रेन चलेगी। कई रूटों पर बिहार में सफ़र अब और आसान होने जा रहा है इतना ही नहीं है बल्कि बिहार की राजधानी पटना में एक और ट्रेन के रख रखाव वाले इलाक़े को डेवलप किया जा रहा है।
  • गया से कोलकाता और मुजफ्फरपुर से दिल्ली के लिए भी एक-एक वंदे भारत ट्रेन चलेगी।
  • पटना-टाटानगर वंदे भारत ट्रेन 2024 में शुरू होगी, जबकि बाकी तीन ट्रेनें 2025 में पटरियों पर दौड़ने लगेंगी।

रख-रखाव की तैयारी

इन ट्रेनों के रखरखाव के लिए पाटलिपुत्र जंक्शन के पास एक कोचिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। इस कॉम्प्लेक्स पर लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा, राजेन्द्रनगर कोचिंग कॉम्प्लेक्स को भी 20 करोड़ रुपये की लागत से अपग्रेड किया जा रहा है ताकि वंदे भारत ट्रेनों के रख रखाव का कार्य प्रभावी ढंग से किया जा सके।

 

पहले से चल रही वंदे भारत ट्रेनें

बिहार में पहले से ही चार वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें संचालित हो रही हैं, जो पटना से हावड़ा, न्यू जलपाईगुड़ी, लखनऊ, और रांची के लिए चल रही हैं। नई ट्रेनों के जुड़ने से राज्य में वंदे भारत एक्सप्रेस की संख्या बढ़कर आठ हो जाएगी।