बिहार के किसानों के लिए एक बड़ा अपडेट आया है। राज्य के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सिंचाई और जल संरक्षण की योजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करने के आदेश दिए हैं। सरकार का मुख्य फोकस इस बात पर है कि पानी की सुविधा सीधे किसानों की जरूरत के हिसाब से मिले ताकि खेती में ज्यादा मुनाफा हो सके।

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मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana (WDC-PMKSY 2.0) के काम की समीक्षा की गई। उन्होंने साफ कहा कि सिंचाई के प्रोजेक्ट्स में कोई देरी नहीं होनी चाहिए और इसे स्थानीय किसानों की जरूरतों के हिसाब से लागू किया जाए।

बीज वितरण और विभागों के बीच तालमेल

बैठक के दौरान मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बुआई के समय किसानों को बीज मिलने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को समय पर बीज वितरण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, उन्होंने Minor Water Resources और Rural Development विभागों को आपस में बेहतर तालमेल बिठाने का निर्देश दिया ताकि प्रोजेक्ट्स की मंजूरी मिलने में समय न लगे।

बजट और फंड का हिसाब

केंद्र सरकार ने साल 2026-27 के लिए 19.85 करोड़ रुपये दिए हैं। हालांकि, इस पैसे का इस्तेमाल करने के लिए State Level Sanctioning Committee (SLSC) की मंजूरी का इंतजार है। भारत सरकार ने इस योजना को सितंबर 2026 तक बढ़ा दिया है, इसलिए मंत्री और प्रधान सचिव ने अधिकारियों से जल्द से जल्द मंजूरी लेने को कहा है ताकि फंड का सही इस्तेमाल हो सके।

अन्य जरूरी अपडेट

  • Jal Jeevan Hariyali: इस अभियान को 2025 से 2030 तक के लिए बढ़ा दिया गया है।
  • North Koel Reservoir Project: इसे जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • Khet Bachao Abhiyan: खाद के सही इस्तेमाल और टिकाऊ खेती के लिए यह अभियान 1 जून से 30 जून 2026 तक चलाया जा रहा है।
  • Viksit Bharat Mission: ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन 1 जुलाई 2026 से लागू होगा।
  • PMFBY: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को रबी 2026-27 सीजन से लागू करने की मंजूरी मिल गई है।

बिहार के Minor Water Resources विभाग ने बताया कि जल जीवन हरियाली अभियान के तहत 2,537 में से 2,371 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं। इससे करीब 2.52 लाख हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई की सुविधा फिर से बहाल हुई है। विभाग ने साल 2026-27 के लिए 154 नए प्रोजेक्ट्स का प्रस्ताव दिया है, जिस पर करीब 206.39 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।