बिहार के बक्सर जिले से एक हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। हाल ही में जनता के लिए खोला गया इटाढ़ी गुमटी (बक्सर-बरूना) रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया है। यह पुल लगभग 26.40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया था लेकिन उद्घाटन के कुछ ही दिनों के भीतर इसके पांचवें पाये के ऊपर का स्लैब नीचे चला गया। इस घटना के बाद पुल की सतह पर एक फुट से ज्यादा का बड़ा गैप दिखाई देने लगा है जिसके चलते सुरक्षा कारणों से इस पर वाहनों का आवागमन तुरंत रोक दिया गया है।

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बक्सर रेलवे ओवरब्रिज हादसे से जुड़ी कुछ जरूरी बातें

  • हादसे का समय: यह घटना शुक्रवार, 5 जून 2026 को हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस पुल को यातायात के लिए मात्र 4 से 10 दिन पहले ही खोला गया था।
  • बंद फाटक को दोबारा खोला गया: ओवरब्रिज चालू होने के बाद इसके नीचे स्थित इटाढ़ी रेलवे फाटक को 31 मई 2026 को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया था। अब पुल धंसने के बाद आम लोगों की सुविधा के लिए इस फाटक को दोबारा खोल दिया गया है।
  • पुल की लागत: इस पूरे प्रोजेक्ट में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने रेलवे ट्रैक के दोनों तरफ करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से सड़क बनाई थी, जबकि रेलवे ने ट्रैक के ऊपर के हिस्से का निर्माण लगभग 16.85 करोड़ रुपये की लागत से किया था।

प्रशासन ने मामले में क्या कार्रवाई की है?

इस बड़े हादसे के बाद बक्सर की जिलाधिकारी (DM) साहिला और पुलिस अधीक्षक (SP) शुभम आर्य ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की जानकारी दी। प्रशासन का कहना है कि ओवरब्रिज का पहुंच पथ पूरी तरह तैयार नहीं हुआ था। नियमों की अनदेखी करके और बिना सही कमीशनिंग के ही पुल को समय से पहले चालू कर दिया गया, जो इस हादसे की मुख्य वजह बनी।

लापरवाही को देखते हुए प्रशासन ने बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के कार्यपालक अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा है। इसके अलावा निर्माण कार्य करने वाले संबंधित ठेकेदार के खिलाफ मुफस्सिल थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जा रही है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस पुल पर भारी वाहनों के जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है और तकनीकी विशेषज्ञ घटना वाली जगह की जांच कर रहे हैं।

सांसद ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर की जांच की मांग

इस मामले के सामने आने के बाद राजद (RJD) सांसद सुधाकर सिंह ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने देश के रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। सांसद ने यह भी कहा कि जब तक पुल पूरी तरह ठीक और सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक रेलवे फाटक को चालू रखा जाए ताकि जनता को परेशानी न हो।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बक्सर में धंसा रेलवे ओवरब्रिज (ROB) कितनी लागत से बना था?

यह रेलवे ओवरब्रिज लगभग 26.40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया था, जिसमें रेलवे और राज्य पुल निर्माण निगम दोनों की भागीदारी थी।

पुल धंसने के बाद बक्सर प्रशासन ने ठेकेदार पर क्या एक्शन लिया है?

लापरवाही और नियमों की अनदेखी को लेकर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ मुफस्सिल थाना में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जा रही है।

क्या हादसे के बाद रेलवे फाटक को दोबारा खोल दिया गया है?

हां, आम जनता की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए बंद किए गए इटाढ़ी रेलवे फाटक को यातायात के लिए फिर से खोल दिया गया है।