बिहार सरकार ने राज्य के दो प्रमुख शहरों, पटना और गया से सीधे विदेशों के लिए विमान सेवा शुरू करने की प्रक्रिया को रफ्तार दे दी है। इसके लिए बाकायदा टेंडर जारी कर दिया गया है ताकि घरेलू एयरलाइन कंपनियां इन रूटों पर अपनी उड़ानें शुरू कर सकें। इस कदम से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बिहार के जो लोग खाड़ी देशों में नौकरी करते हैं, उनके लिए सफर अब बेहद आसान हो जाएगा। सरकार ने इसके लिए नई डेस्टिनेशन पॉलिसी 2025 को आधार बनाया है।
किन रूटों पर चलेंगी फ्लाइट और क्या है शेड्यूल?
बिहार के नागरिक उड्डयन विभाग ने 26 मार्च 2026 को आधिकारिक टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। शुरुआती चरण में पटना से काठमांडू और गया से पांच अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय शहरों के लिए उड़ानें संचालित की जाएंगी। इससे बौद्ध धर्म को मानने वाले पर्यटकों और काम के सिलसिले में विदेश जाने वाले प्रवासियों को बड़ा फायदा मिलेगा।
- पटना से काठमांडू के लिए सीधी फ्लाइट मिलेगी।
- गया से शारजाह, बैंकॉक, कोलंबो, सिंगापुर और काठमांडू के लिए उड़ानें होंगी।
- कंपनियों को हफ्ते में कम से कम 2 दिन और अधिकतम 7 दिन सेवा देनी होगी।
- प्री-बिड मीटिंग 7 अप्रैल को होगी और 15 अप्रैल 2026 तक टेंडर जमा किए जा सकेंगे।
एयरलाइन्स को मिलने वाली सब्सिडी और विमान की क्षमता
सरकार ने इस योजना को सफल बनाने के लिए एयरलाइन कंपनियों को वित्तीय मदद देने का भी ऐलान किया है ताकि वे बिना किसी आर्थिक डर के उड़ानें शुरू कर सकें। इसके लिए विमान की क्षमता और रूट के हिसाब से राशि तय की गई है।
| रूट | विमान क्षमता | सरकारी मदद (प्रति राउंड ट्रिप) |
|---|---|---|
| पटना – काठमांडू | 150 सीटर | 5 लाख रुपये |
| गया – शारजाह/सिंगापुर | 150 सीटर | 10 लाख रुपये |
| गया – बैंकॉक/कोलंबो | 150 सीटर | 10 लाख रुपये |
| गया – काठमांडू | 150 सीटर | 5 लाख रुपये |
खास बात यह है कि बिहार सरकार ने विमान ईंधन (ATF) पर लगने वाले टैक्स को घटाकर सिर्फ 1% कर दिया है। इससे एयरलाइन कंपनियों का संचालन खर्च कम होगा। नागरिक उड्डयन विभाग के विशेष सचिव नीलेश रामचंद्र देवरे ने बताया कि इन डेस्टिनेशन का चुनाव पर्यटकों की भीड़ और बिहार के प्रवासियों की संख्या को देखते हुए किया गया है। शुरुआत में यह वित्तीय सहायता छह महीने के लिए दी जाएगी।
