पप्पू यादव की विवादित टिप्पणी पर बिहार महिला आयोग का एक्शन, सांसद की सदस्यता जा सकती है, नोटिस जारी

बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव की एक विवादित टिप्पणी ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया है। बिहार राज्य महिला आयोग ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए उन्हें नोटिस भेजा है। आरोप है कि उन्होंने राजनीति में महिलाओं की प्रगति को लेकर बहुत ही आपत्तिजनक बात कही थी, जिसके बाद अब उनकी सांसद की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है।

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विवरण जानकारी
सांसद का नाम राजेश रंजन (पप्पू यादव)
विवादित बयान की तारीख 20 अप्रैल 2026
नोटिस जारी होने की तारीख 21 अप्रैल 2026
नोटिस देने वाली संस्था बिहार राज्य महिला आयोग
जवाब देने का समय 3 दिन
संभावित कार्रवाई लोकसभा अध्यक्ष को अयोग्यता की सिफारिश
संबंधित कानून जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (धारा 8 से 10)

पप्पू यादव ने ऐसा क्या कहा जिससे विवाद बढ़ा?

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें पप्पू यादव ने दावा किया कि राजनीति में आने वाली महिलाएं केवल बड़े नेताओं के साथ ‘बिस्तर साझा’ करके ही आगे बढ़ती हैं। यह बयान उन्होंने 20 अप्रैल 2026 को महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया था। इस बयान को बेहद घृणित मानते हुए बिहार राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया और उन्हें जवाब देने के लिए निर्देशित किया।

अब पप्पू यादव पर क्या एक्शन लिया जा सकता है?

बिहार महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने बताया कि सांसद को नोटिस मिलने के तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण देना होगा। आयोग ने अपने नोटिस में यह सवाल पूछा है कि उनके इस आपत्तिजनक व्यवहार के लिए लोकसभा अध्यक्ष को उनकी सदस्यता रद्द करने की सिफारिश क्यों न की जाए। सांसदों की अयोग्यता का मामला मुख्य रूप से जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के नियमों के तहत देखा जाता है।

विपक्ष और बीजेपी नेताओं ने क्या कहा?

बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला और तुहिन सिन्हा ने इस बयान की कड़ी निंदा की है। पूनावाला ने इसे चौंकाने वाला बयान बताया, जबकि तुहिन सिन्हा ने इसे घृणित और शर्मनाक करार दिया। सिन्हा ने सवाल उठाया कि क्या प्रियंका गांधी जैसे नेता ऐसे मिजाज वाले व्यक्ति को बर्दाश्त करेंगे। फिलहाल सभी की नजरें पप्पू यादव द्वारा दिए जाने वाले जवाब पर टिकी हैं।