पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए बीजू जनता दल (BJD) के सांसद सस्मित पात्रा ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोमवार 23 मार्च 2026 को अमेरिका, इजरायल और ईरान से अपील की कि वे युद्ध का रास्ता छोड़कर वापस बातचीत की मेज पर आएं। पात्रा ने चेतावनी दी है कि अगर यह संघर्ष और लंबा खिंचा तो दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहरा सकता है और वैश्विक अर्थव्यवस्था डगमगा सकती है।

युद्ध से दुनिया और आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा?

सांसद सस्मित पात्रा ने कहा कि स्कूलों और नागरिक बस्तियों पर मिसाइल गिरना इस बात का सबूत है कि यह युद्ध कितना खतरनाक होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे उन देशों पर भी बुरा असर पड़ेगा जिनका इस विवाद से सीधा संबंध नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी इसी दिन स्थिति को चिंताजनक बताते हुए कहा कि यह संकट लंबे समय तक चल सकता है, इसलिए भारत को तैयार रहने की जरूरत है। इस तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों और लोगों की जेब पर पड़ रहा है।

हालिया घटनाक्रम और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का रुख क्या है?

संस्था/व्यक्ति तारीख मुख्य कार्रवाई
ईरानी रेड क्रिसेंट 23 मार्च 2026 ICC में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ शिकायत दर्ज की
इजरायली सेना 23 मार्च 2026 लेबनान के टायर जिले में हवाई हमला किया
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड 5 मार्च 2026 ईरान पर हमले की निंदा की और राजनयिक हस्तक्षेप की मांग की

ईरानी रेड क्रिसेंट ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि युद्ध के कारण हजारों घर और स्कूल तबाह हो गए हैं। वहीं लेबनान में हुए ताजा इजरायली हमले में एक नागरिक की मौत हुई है और कई घायल हुए हैं। दूसरी तरफ हिजबुल्लाह ने भी इजरायल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई तेज करने का दावा किया है। भारत के सांसद सस्मित पात्रा ने साफ किया कि शांति और संवाद ही इस संकट का एकमात्र समाधान है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.