वेस्ट एशिया में तनाव बढ़ता जा रहा है और अब भारत के BJD सांसद Sasmit Patra ने इस पर अपनी राय रखी है. उन्होंने अमेरिका से अपील की है कि वह ईरान के साथ बातचीत का दूसरा दौर जल्द शुरू करे. उनका कहना है कि अगर दोनों देशों के बीच बातचीत नहीं हुई, तो यह युद्ध लंबा खिंच सकता है जिससे दुनिया भर में मुसीबतें बढ़ेंगी.
Sasmit Patra ने अमेरिका से क्या मांग की?
BJD सांसद Sasmit Patra ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिर से शुरू होना और तनाव कम करना बहुत ज़रूरी है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने की शर्त रखेगा, तो मामला और बिगड़ सकता है और इसमें रूस और चीन जैसे देश भी शामिल हो सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अगर बातचीत नहीं हुई तो इससे दुनिया में तेल की कमी हो सकती है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा.
अमेरिका, ईरान और रूस का इस पर क्या कहना है?
इस मामले में अलग-अलग देशों का रुख अलग है. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 27 अप्रैल 2026 को संकेत दिए कि वह ईरान के नए प्रस्ताव को खारिज कर सकते हैं क्योंकि उसमें परमाणु कार्यक्रम पर बात नहीं थी. वहीं ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने रूस की यात्रा के दौरान कहा कि अमेरिका की ज़्यादा माँगों की वजह से बातचीत फेल हुई है. रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने ईरान का समर्थन किया है और कहा है कि रूस शांति के लिए मदद करने को तैयार है.
क्या पहले की बातचीत नाकाम रही थी?
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का पहला दौर 11 और 12 अप्रैल 2026 को हुआ था लेकिन इसमें कोई नतीजा नहीं निकला. इसके बाद इस्लामाबाद में दूसरे दौर की बातचीत होनी तय हुई थी लेकिन अमेरिका ने अपने negotiators को वापस बुला लिया जिसके कारण वह मीटिंग रद्द हो गई. अब ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह अब स्वतंत्र देशों पर अपनी नीतियां नहीं थोप सकता.
Frequently Asked Questions (FAQs)
Sasmit Patra ने अमेरिका को किस बात की चेतावनी दी है?
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने की ज़िद करेगा तो रूस और चीन भी इस विवाद में शामिल हो सकते हैं जिससे वैश्विक तनाव बढ़ जाएगा।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत क्यों रुकी हुई है?
इस्लामाबाद में होने वाले दूसरे दौर की बातचीत अमेरिका द्वारा अपने प्रतिनिधियों को वापस बुलाने के कारण रद्द हो गई थी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के हालिया प्रस्ताव को परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा न होने के कारण खारिज करने का संकेत दिया है।