SpaceX Deal: ब्लू क्लाउड सोफ़टेक सॉल्यूशंस को मिला 150 मिलियन डॉलर का बड़ा प्रोजेक्ट, स्पेसएक्स इंटरनेशनल के साथ हुई डील.

नई दिल्ली में 11 अगस्त 2026 को एक बड़ी तकनीकी साझेदारी का ऐलान किया गया है जिसके तहत ब्लू क्लाउड सोफ़टेक सॉल्यूशंस लिमिटेड की अमेरिकी सब्सिडियरी कंपनी ने एक भारी-भरकम अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। इस नई डील के माध्यम से कंपनी दुनिया की जानी-मानी अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स इंटरनेशनल के साथ मिलकर काम करेगी और इसके लिए कुल 150 मिलियन अमेरिकी डॉलर का न्यूनतम अनुबंध तय किया गया है। यह पूरी परियोजना आने वाले अठारह महीनों के भीतर पूरी की जाएगी और इसके जरिए आधुनिक तकनीकी सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।
प्रोजेक्ट का विवरण और वित्तीय विभाजन
यह पूरा अनुबंध 9 जुलाई 2026 को हुए मास्टर सर्विसेज समझौते के तहत जारी किया गया है जिसके अंतर्गत विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में काम किया जाएगा। इस 150 मिलियन डॉलर के कुल बजट को अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 70 मिलियन डॉलर निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा साइबर सुरक्षा के लिए 25 मिलियन डॉलर, टेलीकॉम सेवाओं के लिए 25 मिलियन डॉलर और डेटा सेंटर समाधानों के लिए 30 मिलियन डॉलर खर्च किए जाएंगे। इन सभी पैसों का उपयोग अंतरिक्ष और तकनीकी सेक्टर को मजबूत बनाने में किया जाएगा।
किन-किन सेवाओं पर होगा काम
इस समझौते के तहत अमेरिकी सब्सिडियरी कंपनी स्पेसएक्स इंटरनेशनल के लिए एक एडवांस एआई कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म का डिजाइन तैयार करेगी और उसे जमीन पर उतारेगी। काम के दायरे में जीपीयू क्लस्टर का निर्माण, मशीन लर्निंग और मॉडल सर्विंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना, और सुरक्षा संचालन केंद्र बनाना शामिल है। इसके अलावा कोर नेटवर्क और आपदा से निपटने की क्षमताओं को भी विकसित किया जाएगा ताकि किसी भी तकनीकी खराबी या समस्या से तुरंत निपटा जा सके।
पांच चरणों में होगा काम पूरा
इस पूरी परियोजना को कुल पांच चरणों में बांटा गया है जिसे छह तिमाहियों की बिलिंग अवधि के दौरान पूरा किया जाएगा। छठे चरण से इस सिस्टम के संचालन और मैनेजमेंट का काम शुरू हो जाएगा। कंपनी के ग्रुप चेयरमैन मिस्टर तेजेश कुमार कोडाली ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह उनकी कंपनी के लिए एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इससे वैश्विक स्तर पर बड़े क्लाइंट्स के लिए आधुनिक तकनीक तैयार करने की उनकी क्षमता दुनिया के सामने आती है।