UAE में भारत का सुपरसोनिक मिसाइल खरीदने का प्लान, ब्रह्मोस डील पक्की हुई तो रचेगा नया इतिहास.

भारत की प्रमुख डिफेंस कंपनी BrahMos Aerospace ने संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE को अपनी घातक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली बेचने का आधिकारिक प्रस्ताव दिया है। इस बड़े कदम से भारत के रक्षा निर्यात को खाड़ी देशों में पहली बार एक बहुत बड़ा मुकाम मिल सकता है। रक्षा जगत के जानकारों के अनुसार यह समझौता दोनों देशों के बीच रणनीतिक रिश्तों को एक नए स्तर पर ले जाने का काम करेगा।
यूएई अपनी सैन्य ताकत को कर रहा है मजबूत
वर्तमान समय में UAE अपनी सैन्य क्षमताओं में विविधता लाने और उन्हें अधिक उन्नत बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है। इसी रणनीति के तहत यूएई सरकार इस ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली का बारीकी से मूल्यांकन कर रही है। यह मिसाइल जमीन के साथ-साथ समुद्र में मौजूद ठिकानों पर भी बेहद सटीक निशाना लगाने में पूरी तरह सक्षम है। इस सुपरसोनिक मिसाइल की गति Mach 2.8 से Mach 3.0 के बीच की है जो दुश्मन को संभलने का मौका नहीं देती है।
यदि यह रक्षा सौदा पूरी तरह से तय हो जाता है, तो UAE खाड़ी क्षेत्र का ऐसा पहला देश बन जाएगा जो अपने सैन्य बेड़े में इस अत्याधुनिक ब्रह्मोस मिसाइल को शामिल करेगा। विश्लेषकों का मानना है कि इस हथियार के मिलने से अबू धाबी की लंबी दूरी की मारक क्षमता और सटीक हमला करने की ताकत में अभूतपूर्व बढ़ोतरी होगी। यह सिस्टम यूएई के पास पहले से मौजूद पश्चिमी देशों की मिसाइल और एयर डिफेंस तकनीक के साथ मिलकर देश की सुरक्षा को और ज्यादा मजबूत करेगा।
भारत के रक्षा उद्योग को मिलेगा वैश्विक मंच
इस संभावित समझौते के तहत रिपोर्ट्स यह भी बता रही हैं कि UAE भारत के स्वदेशी Akashteer एयर-डिफेंस कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम की भी जांच कर रहा है। अगर यह पूरा सौदा सिरे चढ़ता है, तो यह मध्य पूर्व के बाजार में भारत के रक्षा-औद्योगिक दायरे का तेजी से विस्तार करेगा। इस प्रकार के बड़े सौदे भारत में बने उच्च श्रेणी के हथियारों को वैश्विक रक्षा बाजार में एक मजबूत और किफायती विकल्प के रूप में स्थापित करने में मदद करेंगे।