अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का खतरा एक बार फिर बढ़ गया है. ब्राजील और जर्मनी ने इस लड़ाई को रोकने के लिए दुनिया से बातचीत तेज करने की अपील की है. दुनिया की नजरें अब 22 अप्रैल पर टिकी हैं क्योंकि तब तक सीजफायर खत्म हो जाएगा और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे आगे बढ़ाने से मना कर दिया है.

ब्राजील और जर्मनी ने क्या कहा और सीजफायर की क्या स्थिति है?

ब्राजील के राष्ट्रपति Lula da Silva और जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz ने एक साझा बयान जारी किया है. उन्होंने मिडिल ईस्ट के झगड़ों और Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही पर गहरी चिंता जताई है. दोनों नेताओं ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच जल्द से जल्द समझौता होना चाहिए. दूसरी तरफ, दो हफ्ते का सीजफायर बुधवार सुबह यानी 22 अप्रैल को खत्म हो रहा है. डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वे जल्दबाजी में कोई खराब डील नहीं करेंगे और सीजफायर बढ़ाना बहुत मुश्किल है.

ईरान और अमेरिका के बीच मुख्य विवाद क्या हैं?

दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही है, जिसकी वजह से तनाव बढ़ रहा है. मुख्य विवादों की जानकारी नीचे दी गई तालिका में है:

विवाद का मुद्दा अमेरिका का पक्ष ईरान का पक्ष
बंदरगाहों की नाकेबंदी जब तक डील नहीं होगी, नाकेबंदी जारी रहेगी. बातचीत से पहले नाकेबंदी खत्म होनी चाहिए.
परमाणु कार्यक्रम ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम रोके और यूरेनियम सौंपे. परमाणु कार्यक्रम सिर्फ रिसर्च के लिए है, इसे नहीं रोकेंगे.
संपत्ति और मुआवजा कड़ी शर्तों पर ही बातचीत संभव है. जमी हुई संपत्ति वापस मिले और हमलों का मुआवजा मिले.
बातचीत का तरीका दबाव और शर्तों के साथ डील की मांग. धमकी या दबाव के साये में बातचीत मंजूर नहीं.

पाकिस्तान की भूमिका और हालिया तनाव की वजह क्या है?

पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और आर्मी चीफ Asim Munir दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता खोलने की कोशिश कर रहे हैं. इसी बीच तनाव तब और बढ़ गया जब अमेरिका ने ईरान के तट के पास ईरान का जहाज Touska पकड़ लिया. ईरान ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है और जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है. उधर, इसराइल ने भी लेबनान के दक्षिणी हिस्से में हमले जारी रखे हैं, जिससे हालात और बिगड़ गए हैं.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.