दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक उछाल आया है और Brent Crude अब 90 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है। यह सब अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता के अटकने की वजह से हुआ है। पाकिस्तान में होने वाली इस दूसरी मीटिंग पर अब संशय बढ़ गया है जिससे वैश्विक बाज़ार में हलचल मची है।
पाकिस्तान में मीटिंग को लेकर क्या अपडेट है?
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्तउल्लाह तरार ने बताया कि ईरान की तरफ से अभी तक कोई पक्का जवाब नहीं आया है कि उनकी टीम इस्लामाबाद आएगी या नहीं। दूसरी तरफ ईरान की सरकारी मीडिया IRNA और वहां के सांसदों ने साफ़ कर दिया है कि उनकी कोई टीम पाकिस्तान नहीं गई है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance भी अभी वाशिंगटन में ही हैं और उन्होंने अपनी यात्रा शुरू नहीं की है क्योंकि अमेरिका अभी ईरान के जवाब का इंतज़ार कर रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप की धमकी और ईरान का कड़ा रुख क्या है?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के साथ एक बड़ी डील चाहते हैं लेकिन अगर बात नहीं बनी तो ईरान को ऐसी मुसीबतें झेलनी पड़ेंगी जो उन्होंने पहले कभी नहीं देखीं। उन्होंने सैन्य कार्रवाई की चेतावनी भी दी है और आरोप लगाया कि ईरान ने युद्धविराम के नियमों को तोड़ा है। वहीं ईरान के संसदीय स्पीकर मोहम्मद बागर कालिबाफ ने कहा कि वे धमकियों के साये में बातचीत नहीं करेंगे और युद्ध के मैदान में नए दांव चलने के लिए तैयार हैं।
तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की मुख्य वजह क्या है?
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से तेल के दाम बढ़े हैं। 18 अप्रैल को IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से बंद कर दिया क्योंकि दो भारतीय जहाजों पर हमला हुआ था। साथ ही 13 अप्रैल से अमेरिकी नौसेना ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रखी है। इस नाकेबंदी की वजह से ईरान का समुद्री व्यापार पूरी तरह रुक गया है और तेल की सप्लाई प्रभावित होने से कीमतें बढ़ रही हैं।
