दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली संभावित बातचीत की खबरों के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। वैश्विक बाजार के निवेशक इस समय कतर की राजधानी दोहा में होने वाली इस बड़ी हलचल पर अपनी नजरें बनाए हुए हैं। हालांकि इस बातचीत को लेकर अमेरिका और ईरान दोनों तरफ से अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं, जिससे बाजार में अनिश्चितता का माहौल है।

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मंगलवार, 30 जून 2026 को सुबह के समय ब्रेंट क्रूड के दामों में गिरावट दर्ज की गई। 03:56 GMT पर ब्रेंट अगस्त क्रूड वायदा (futures) 0.9 प्रतिशत यानी 64 सेंट गिरकर 72.51 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं सबसे ज्यादा एक्टिव रहने वाला सितंबर का ब्रेंट कॉन्ट्रैक्ट 73.51 डॉलर से 73.60 डॉलर प्रति बैरल के आसपास देखा गया।

कच्चे तेल के दाम और ट्रेडिंग से जुड़े आंकड़े

कच्चे तेल की कीमतों में आई इस गिरावट और बाजार की मौजूदा स्थिति को समझने के लिए नीचे दिए गए आंकड़ों को देख सकते हैं:

कॉन्ट्रैक्ट या रिपोर्ट कीमत (प्रति बैरल) बदलाव या ट्रेडिंग वॉल्यूम
ब्रेंट अगस्त क्रूड वायदा (03:56 GMT) $72.51 0.9% की गिरावट (64 सेंट कम)
सितंबर ब्रेंट कॉन्ट्रैक्ट $73.51 से $73.60 सक्रिय ट्रेडिंग रेंज
ब्रेंट क्रूड (दैनिक गिरावट) $73.49 पिछले दिन से 0.57% की गिरावट
अगस्त डिलीवरी गिरावट (00:38 GMT) $72.40 1.03% की गिरावट (0.75 डॉलर कम)
FT.com रिपोर्ट (00:32 BST) $72.55 75.28 हजार शेयर्स का कारोबार
Investing.com वॉल्यूम 2,82,200 का वॉल्यूम दर्ज

अमेरिका और ईरान की तरफ से आए आधिकारिक बयान

इस पूरे मामले को लेकर दोनों देशों के बड़े अधिकारियों की तरफ से बयान जारी किए गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि ईरान ने एक बैठक की मांग की थी, जो मंगलवार को दोहा में होगी। ट्रंप ने टिप्पणी की कि यह बैठक शायद महत्वपूर्ण हो सकती है और शायद नहीं भी। वहीं व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लीविट (Karoline Leavitt) ने पुष्टि की कि अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ (Steve Witkoff) और जेरेड कुश्नर (Jared Kushner) हाई-लेवल बैठकों के लिए कतर की यात्रा करेंगे।

दूसरी तरफ, ईरान ने इन वार्ताओं की खबरों को पूरी तरह खारिज किया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई (Esmaeil Baghaei) ने कहा कि आने वाले दिनों में अमेरिकी पक्ष के साथ किसी भी स्तर की बातचीत की कोई योजना नहीं है। इसके अलावा ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी (Kazem Gharibabadi) ने भी दोहा में तकनीकी बातचीत की खबरों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि ईरानी और ओमानी विशेषज्ञ आने वाले दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के जरिए ट्रांजिट मार्गों को फिर से तय करने पर बातचीत शुरू करेंगे। दोहा में मौजूद ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि उनका मकसद केवल जून 17 के समझौते के क्लॉज 11 के तहत फ्रीज की गई संपत्तियों पर चर्चा करना है, न कि परमाणु वार्ता करना।

बाजार और तेल की सप्लाई पर इसका असर

दोनों देशों की तरफ से आ रहे विरोधाभासी बयानों की वजह से बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। हालांकि, यह संभावित बातचीत 17 जून को हुए उस नाजुक संघर्ष विराम पर आधारित है जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और शांति समझौते के लिए 60 दिनों का समय तय किया गया था। इस अनिश्चितता के बावजूद मध्य पूर्व (Middle East) के तेल उत्पादक देश लगातार कच्चे तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की लोडिंग कर रहे हैं। निवेशक अभी भी दोहा की बातचीत से किसी सकारात्मक नतीजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं।