मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है। शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 को Brent crude oil की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई है, जो पिछले चार हफ्तों से लगातार बढ़ रही है। शुक्रवार सुबह तक तेल की कीमत 0.37 प्रतिशत बढ़कर 101.06 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई है।
तेल सप्लाई को लेकर क्यों बढ़ी चिंता
इस उछाल के पीछे प्रमुख कारण मिडिल ईस्ट में चल रहे हमले और तनाव हैं। अमेरिका ने लगातार 13वीं रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। वहीं, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमला करने की जिम्मेदारी ली है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने भी चेतावनी दी है कि इस क्षेत्र में बढ़ता संघर्ष दुनिया भर में ऊर्जा की सप्लाई के लिए बड़ा खतरा पैदा कर रहा है।
होरमुज जलडमरूमध्य का मार्ग प्रभावित
सप्लाई पर संकट का असर समुद्र के रास्तों पर भी पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने 17 जुलाई 2026 को होरमुज जलडमरूमध्य को बेहद खतरनाक घोषित कर दिया है, जिससे वहां से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में काफी कमी आई है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी चेतावनी दी है कि मिडिल ईस्ट में हालात बहुत तनावपूर्ण बने हुए हैं। फिलहाल, सऊदी अरब तेल भेजने के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल कर रहा है और समुद्री जहाजों को सुरक्षा देने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं, बावजूद इसके इंश्योरेंस की कीमतें काफी महंगी हो गई हैं।
