नई दिल्ली में BRICS देशों के विदेश मंत्रियों की दो दिनों की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को समाप्त हो गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ईरान पर चल रहे युद्ध को लेकर एक साझा राय बनाना था, लेकिन सदस्य देशों के बीच सहमति नहीं बन पाई। मीटिंग के बाद जारी आधिकारिक दस्तावेज़ में यह माना गया है कि इस मुद्दे पर सदस्य देशों के विचार अलग-अलग हैं।

BRICS बैठक में किन बातों पर नहीं बनी सहमति

यह बैठक 14 मई से 15 मई 2026 तक चली। ईरान पर युद्ध, जो 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल के हमलों के साथ शुरू हुआ था, उस पर कोई संयुक्त बयान जारी नहीं किया गया। भारत ने मौजूदा अध्यक्ष के तौर पर एक दस्तावेज़ जारी किया जिसमें साफ लिखा है कि कुछ सदस्यों के बीच मतभेद हैं।

  • विरोध और आरक्षण: दस्तावेज़ में एक फुटनोट जोड़ा गया है जिसमें बताया गया है कि एक सदस्य देश ने गाज़ा और लाल सागर की सुरक्षा से जुड़े हिस्सों पर अपनी आपत्ति जताई थी।
  • मुख्य विवाद: ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे सदस्य देश इस संघर्ष में अलग-अलग पक्षों पर हैं, जिसकी वजह से एकता बनाए रखना मुश्किल रहा।
  • सहमति के बिंदु: सभी देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने, संप्रभुता की रक्षा करने और समुद्री व्यापार को सुरक्षित रखने की बात दोहराई। साथ ही फिलिस्तीनी राज्य के समर्थन पर सहमति बनी।

विभिन्न देशों के मंत्रियों ने क्या कहा

बैठक के दौरान अलग-अलग देशों के प्रतिनिधियों ने अपनी स्थिति स्पष्ट की। भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में काफी बदलाव आ रहे हैं और BRICS को दुनिया में स्थिरता लाने वाला रोल निभाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर जोर दिया।

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका और इजराइल द्वारा तेहरान पर किए गए हमलों की निंदा करने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि एक सदस्य देश ने प्रस्तावित बयान के कुछ हिस्सों को रोकने की कोशिश की। चीन के राजदूत Xu Feihong ने सैन्य कार्रवाई को तुरंत रोकने की वकालत की और ईरान की सुरक्षा का समर्थन किया। वहीं रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने भी इस मुद्दे पर ईरानी समकक्ष से चर्चा की थी लेकिन UAE और ईरान के बीच असहमति के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य पर कोई साझा बयान नहीं आ सका।

Frequently Asked Questions (FAQs)

BRICS की दिल्ली मीटिंग का मुख्य नतीजा क्या रहा?

बैठक में ईरान पर चल रहे युद्ध को लेकर कोई साझा राय या संयुक्त बयान जारी नहीं हो सका और दस्तावेज़ में सदस्य देशों के बीच अलग-अलग विचारों का ज़िक्र किया गया।

ईरान और UAE के बीच किस बात को लेकर तनाव दिखा?

ईरान और UAE संघर्ष के विपरीत पक्षों पर हैं। ईरानी विदेश मंत्री ने संकेत दिया कि एक सदस्य देश ने बयान में बाधा डाली और रूस द्वारा प्रस्तावित होर्मुज जलडमरूमध्य के बयान को भी इन मतभेदों के कारण रोका गया।