नई दिल्ली में BRICS देशों के विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक शुरू हुई है। भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने इस मीटिंग की अध्यक्षता की और दुनिया के सामने भारत का पक्ष रखा। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ यानी शून्य सहनशीलता अपनाने की बात कही। साथ ही उन्होंने यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) में बड़े सुधारों की जरूरत पर जोर दिया।
आतंकवाद पर S. Jaishankar ने क्या कहा?
विदेश मंत्री S. Jaishankar ने अपने बयान में साफ किया कि आतंकवाद का कोई भी रूप सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि सीमा पार से होने वाला आतंकवाद अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी नियमों का उल्लंघन है। उनके मुताबिक आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति दुनिया के लिए एक ऐसा नियम होना चाहिए जिसमें कोई समझौता न किया जाए।
UNSC में बदलाव और BRICS की भूमिका
मीटिंग के दौरान Jaishankar ने कहा कि यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) में सुधार करना अब बहुत जरूरी हो गया है। उन्होंने स्थायी और गैर-स्थायी दोनों श्रेणियों में बदलाव की मांग की और कहा कि इस काम में देरी होने से काफी नुकसान हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि मौजूदा वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के बीच BRICS देश दुनिया में स्थिरता लाने के लिए मिलकर काम करेंगे।
कौन-कौन से देश शामिल हुए और भारत का लक्ष्य क्या है?
इस बैठक में रूस, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के साथ-साथ नए सदस्य देशों जैसे मिस्र, इथियोपिया, ईरान और UAE के प्रतिनिधि शामिल हुए। इंडोनेशिया भी 2025 में पूर्ण सदस्य बन चुका है। भारत 1 जनवरी 2026 से BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और इस साल की थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” रखी गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक कहां और कब आयोजित की गई?
यह बैठक 14 और 15 मई 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित की गई।
S. Jaishankar ने UN के बारे में क्या मांग की?
उन्होंने UN सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) में स्थायी और गैर-स्थायी सदस्यों की श्रेणियों में सुधार की मांग की ताकि वैश्विक शासन प्रणाली बेहतर हो सके।
