ब्रिटेन ने Middle East में अपना युद्धपोत HMS Dragon भेज दिया है। यह कदम Strait of Hormuz में जहाजों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। ब्रिटेन और फ्रांस मिलकर इस मिशन की अगुवाई कर रहे हैं। जैसे ही हालात ठीक होंगे, यह अंतरराष्ट्रीय मिशन शुरू किया जाएगा।

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HMS Dragon का मिशन क्या है और यह कब शुरू होगा?

ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) के मुताबिक, HMS Dragon को शनिवार 9 मई 2026 को तैनात किया गया। यह एक Type 45 एयर डिफेंस डिस्ट्रॉयर है। इस मिशन का मकसद पूरी तरह रक्षात्मक है ताकि अंतरराष्ट्रीय जहाजों को सुरक्षा मिले और बारूदी सुरंगों (mines) को हटाया जा सके। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीर स्टारमर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन इस मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं। यह युद्धपोत पहले मार्च 2026 में साइप्रस में ब्रिटिश बेस की रक्षा के लिए पूर्वी भूमध्य सागर में तैनात था।

Strait of Hormuz में क्या समस्या है और कितने देश शामिल होंगे?

अप्रैल 2026 के आंकड़ों के अनुसार, Strait of Hormuz से होने वाला व्यापार युद्ध से पहले के मुकाबले गिरकर सिर्फ 5% रह गया है। ईरान ने यहाँ ‘Persian Gulf Strait Authority’ नाम की एक एजेंसी बनाई है, जो जहाजों से टोल वसूलना चाहती है। इससे जहाजों के आने-जाने में दिक्कत आ रही है। इस मिशन में करीब 40 देशों के शामिल होने की उम्मीद है, लेकिन इसके लिए ईरान के साथ तालमेल बिठाना जरूरी होगा।

हाल के दिनों में क्या हुआ और इसका असर क्या होगा?

फिलहाल ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच एक कमजोर युद्धविराम (ceasefire) चल रहा है। हालांकि 8 मई 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरान के दो टैंकरों पर हमला किया था। फ्रांस ने भी अपने करियर स्ट्राइक ग्रुप को दक्षिणी रेड सी में तैनात किया है। ब्रिटेन और फ्रांस की यह जुगलबंदी क्षेत्र में व्यापार बहाल करने और सुरक्षा बढ़ाने की एक कोशिश है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

HMS Dragon युद्धपोत को कहाँ से भेजा गया है?

HMS Dragon को पूर्वी भूमध्य सागर (Eastern Mediterranean) से हटाकर Middle East भेजा गया है, जहाँ यह पहले साइप्रस के ब्रिटिश बेस की सुरक्षा कर रहा था।

क्या ब्रिटेन का यह मिशन हमलावर है?

नहीं, ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह मिशन पूरी तरह रक्षात्मक है और इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को सुरक्षित करना है।