मिडिल ईस्ट के समुद्र में तनाव और बढ़ गया है. ब्रिटेन और फ्रांस अब मिलकर Strait of Hormuz में जहाजों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा मिशन शुरू कर रहे हैं. हाल ही में दुबई के पास कई मालवाहक जहाजों पर हमले हुए हैं, जिसके बाद अब दुनिया की बड़ी ताकतें वहां अपनी सेना भेज रही हैं ताकि व्यापारिक रास्ते को फिर से सुरक्षित किया जा सके.

ब्रिटेन और फ्रांस के इस मिशन में क्या खास है?

ब्रिटेन और फ्रांस मिलकर एक अंतरराष्ट्रीय टीम बना रहे हैं ताकि Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिल सके. फरवरी से यह रास्ता काफी हद तक बंद था. इस मिशन में दुनिया के 40 से ज्यादा देश शामिल हैं. फ्रांस का Charles de Gaulle कैरियर स्ट्राइक ग्रुप 6 मई 2026 को स्वेज नहर से होते हुए रेड सी और गल्फ ऑफ एडेन की तरफ बढ़ा है. ब्रिटेन की रॉयल नेवी भी इसमें मुख्य भूमिका निभा रही है और माइन-हंटिंग ड्रोन तैनात करने की तैयारी में है ताकि समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाया जा सके.

हाल ही में जहाजों पर क्या हमले हुए और अमेरिका का क्या रोल है?

6 मई 2026 को दुबई के पास एक CMA CGM कंटेनर जहाज पर ईरानी मिसाइल से हमला हुआ, जिसमें कई क्रू मेंबर्स घायल हो गए. इससे पहले 5 मई और 3 मई को भी मालवाहक जहाजों पर हमलों की खबरें आई थीं. इन हमलों को रोकने के लिए अमेरिका ने ‘Project Freedom’ शुरू किया है. US CENTCOM के मुताबिक, यह मिशन कमर्शियल जहाजों के लिए रास्ता साफ करने के लिए चलाया जा रहा है. अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने इसे एक अस्थायी ऑपरेशन बताया है.

ईरान ने इस पूरे मामले पर क्या कहा है?

ईरान की IRGC ने साफ कर दिया है कि केवल वही नागरिक जहाज गुजर पाएंगे जिन्हें ईरानी अधिकारियों ने मंजूरी दी होगी. ईरान ने सैन्य जहाजों के वहां आने पर पूरी तरह पाबंदी लगा रखी है. दूसरी तरफ, फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से बात की है और उन्हें इस अंतरराष्ट्रीय मिशन का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित किया है ताकि सुरक्षित पारगमन सुनिश्चित हो सके.

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz में अचानक तनाव क्यों बढ़ गया है?

यहाँ कमर्शियल जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन हमले हो रहे हैं, जिससे यह अहम व्यापारिक रास्ता काफी हद तक बंद हो गया है. अब ब्रिटेन, फ्रांस और अमेरिका जैसे देश मिलकर इसे फिर से खोलने की कोशिश कर रहे हैं.

क्या इस मिशन का असर आम व्यापार और प्रवासियों पर पड़ेगा?

हाँ, क्योंकि यह रास्ता दुनिया के तेल और माल परिवहन के लिए बहुत जरूरी है. अगर यहाँ सुरक्षा बढ़ती है और रास्ता खुलता है, तो मालवाहक जहाजों का आवागमन फिर से सामान्य होगा, जिससे सामान की सप्लाई और व्यापार में आसानी होगी.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.