ब्रिटेन सरकार ने कतर, बहरीन और कुवैत की यात्रा को लेकर अपनी पुरानी पाबंदियों को हटा लिया है। अब वहां जाने वाले लोगों को केवल जरूरी यात्रा करने की सख्त सलाह नहीं दी जाएगी। यह फैसला उन हजारों प्रवासियों और पर्यटकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जो काम या छुट्टियों के लिए इन देशों की यात्रा करते हैं।

ब्रिटेन के विदेश कार्यालय (FCDO) ने 18 जून 2026 को यह अपडेट जारी किया। इससे पहले फरवरी और मार्च 2026 में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और मिसाइल हमलों की वजह से इन देशों में यात्रा न करने की सलाह दी गई थी। अब सरकार ने अपनी एडवाइजरी को आसान कर दिया है।

FCDO ने बताया कि यह फैसला अमेरिका और ईरान के बीच मध्य पूर्व के संघर्ष को लेकर हुए एक समझौते (Memorandum of Understanding) के बाद लिया गया है। हालांकि, सरकार ने यह चेतावनी भी दी है कि इस क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति अभी भी अनिश्चित है और किसी भी समय हालात बदल सकते हैं। इसलिए यात्रियों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और खबरों पर नजर रखने को कहा गया है।

सऊदी अरब के लिए भी कुछ बदलाव किए गए हैं। अब रियाद और पूर्वी प्रांत (Eastern Province) के लिए ट्रैवल एडवाइजरी हटा ली गई है। लेकिन यमन सीमा से 10 किलोमीटर के दायरे में यात्रा न करने और 80 किलोमीटर तक केवल जरूरी यात्रा करने की पुरानी सलाह अभी भी जारी रहेगी।

ब्रिटिश ट्रैवल एजेंटों के संगठन ABTA के सीईओ मार्क टैन्ज़र ने इस बदलाव को पर्यटन के लिए बहुत महत्वपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि सरकारी सलाह बदलने से लोगों का भरोसा बढ़ता है और वे फिर से यात्रा की बुकिंग शुरू करते हैं। इसी तरह ऑस्ट्रेलिया सरकार ने भी 17 जून को बहरीन, इजराइल, कुवैत, कतर और यूएई के लिए अपनी चेतावनी कम की थी।

इस फैसले का असर अब उड़ानों पर भी दिखेगा। ब्रिटिश एयरवेज, एमिरेट्स, कतर एयरवेज और इतिहाद जैसी बड़ी एयरलाइंस ने पहले सुरक्षा कारणों से अपने रूट बदले थे या उड़ानें बंद की थीं। अब इन कंपनियों के कामकाज में फिर से तेजी आने की उम्मीद है। यह उन भारतीयों के लिए भी अच्छी खबर है जो अक्सर इन देशों में व्यापार या नौकरी के सिलसिले में आते-जाते रहते हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.