ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला कर रख दिया है। अब ब्रिटेन के एक बड़े मंत्री ने चेतावनी दी है कि खाने-पीने का सामान और ईंधन की कीमतें अगले 8 महीनों तक ऊपर रह सकती हैं। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा क्योंकि तेल और गैस के मुख्य रास्ते बंद हो गए हैं।
महंगाई क्यों बढ़ रही है और कितना समय लगेगा?
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के मुख्य सचिव Darren Jones ने BBC के एक प्रोग्राम में बताया कि युद्ध खत्म होने के बाद भी कीमतों को सामान्य होने में कम से कम 8 महीने का समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि इसका असर खासकर खाने-पीने की चीज़ों, बिजली, गैस और हवाई जहाज़ के टिकटों की कीमतों पर दिखेगा। इसका मुख्य कारण Strait of Hormuz का बंद होना है, जहाँ से दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल और गैस गुज़रता है। इसी वजह से बाज़ार में कीमतें तेज़ी से बढ़ी हैं।
ब्रिटेन सरकार क्या कदम उठा रही है?
ब्रिटिश सरकार इस आर्थिक संकट से निपटने के लिए तैयारी कर रही है। Darren Jones के नेतृत्व में एक खास ग्रुप हफ्ते में दो बार मीटिंग कर रहा है ताकि सामान की सप्लाई और स्टॉक पर नज़र रखी जा सके। प्रधानमंत्री Keir Starmer भी 28 अप्रैल को एक कैबिनेट मीटिंग करेंगे ताकि किसी भी कमी को दूर किया जा सके। सरकार ने आम जनता को सलाह दी है कि वे अपनी गाड़ियों में तेल भरवाते रहें और अपनी यात्रा की योजना न बदलें।
युद्ध का अर्थव्यवस्था पर असर
मार्च के आंकड़ों के मुताबिक ब्रिटेन में महंगाई दर बढ़कर 3.3% पर पहुँच गई है, जिसका बड़ा कारण ईरान युद्ध के बाद ईंधन की कीमतों में आया उछाल है। IMF ने भी पहले ही कहा था कि इस संकट का असर ब्रिटेन पर अन्य विकसित देशों के मुकाबले ज़्यादा होगा।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| रिकवरी का अनुमानित समय | 8 महीने से ज़्यादा |
| मार्च में महंगाई दर | 3.3% |
| प्रभावित क्षेत्र | ऊर्जा, भोजन और फ्लाइट टिकट |
| मुख्य कारण | Strait of Hormuz का बंद होना |
| तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई | 20% (Strait of Hormuz के ज़रिए) |
| कैबिनेट मीटिंग की तारीख़ | 28 अप्रैल |