Saudi Arabia पर हूतियों का लगातार हमला, ब्रिटेन ने जताई कड़ी नाराजगी और सऊदी को दिया साथ का भरोसा.

सऊदी अरब पर हो रहे लगातार हमलों के बीच ब्रिटेन ने अपना रुख साफ कर दिया है। United Kingdom की सरकार ने हूतियों (Houthi) द्वारा की जा रही आक्रामकता की कड़ी निंदा की है और सऊदी अरब के साथ अपनी एकजुटता दोहराई है। ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय यानी FCDO ने बीते कुछ हफ्तों में कई बार आधिकारिक बयान जारी कर क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील की है।
ब्रिटेन की चेतावनी और हूतियों की हरकतें
August 6, 2026 को जारी एक आधिकारिक बयान में ब्रिटेन ने हूतियों को चेतावनी दी कि वे सऊदी अरब और उसके सहयोगियों के खिलाफ किसी भी तरह की धमकी बंद करें। इससे पहले July 23, 2026 और August 1, 2026 को भी ब्रिटेन ने हूतियों द्वारा सऊदी जहाजों और तेल टैंकरों पर किए गए हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया था। ब्रिटिश सरकार का मानना है कि इन हमलों से न केवल इंसानों की जान को खतरा है, बल्कि पर्यावरण और समुद्री व्यापार के रास्ते भी प्रभावित हो रहे हैं। FCDO ने स्पष्ट रूप से कहा है कि लाल सागर (Red Sea) में किसी भी तरह की नाकाबंदी या समुद्री आवाजाही में बाधा डालना क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ाएगा। आप इस मामले की अधिक जानकारी FCDO की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।
नाजरान और मारिब में बढ़ी हिंसा
हूतियों की तरफ से किए जा रहे हमलों ने मासूम लोगों को भी निशाना बनाया है। August 8, 2026 को यमन के मारिब शहर पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया गया, वहीं August 6, 2026 को सऊदी अरब के Najran Province में हुए हमले में 11 नागरिक घायल हुए। इनमें एक चार साल का बच्चा भी शामिल था। इस घटना के बाद यूरोपीय संघ (European Union) ने भी अपनी चिंता जताई और सऊदी अरब के साथ पूर्ण एकजुटता दिखाने की बात कही।
ईरान की भूमिका पर उठे सवाल
सऊदी अधिकारियों के अनुसार, यह हमले अचानक नहीं हो रहे हैं। August 7, 2026 को एक वरिष्ठ सऊदी अधिकारी ने बताया कि उनके पास मौजूद खुफिया जानकारी इशारा करती है कि हूती और इराकी मिलिशिया मिलकर सऊदी अरब के नागरिक ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। आरोप है कि यह पूरी साजिश Iran के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की निगरानी में हो रही है। सऊदी अरब ने इस स्थिति को देखते हुए साफ कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा और अपने नागरिकों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने को तैयार है। अधिक जानकारी के लिए Saudi Press Agency पर जाकर विवरण पढ़ा जा सकता है।
क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और भारतीय कामगारों के लिए भी ये घटनाक्रम चिंता का विषय हैं क्योंकि किसी भी तरह की अशांति का असर व्यापार और सुरक्षा की स्थिति पर पड़ता है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन हमलों को लेकर दबाव बढ़ता जा रहा है।