बुदपेस्ट में फिलिस्तीन के समर्थन और विरोध में जोरदार प्रदर्शन, गाजा अस्पताल के निदेशक की हिरासत पर मचा बवाल.

हंगरी की राजधानी बुदपेस्ट में 21 अगस्त 2026 को उस समय माहौल गर्म हो गया जब फिलिस्तीनी नागरिकों और गाजा के एक प्रमुख डॉक्टर की हिरासत के खिलाफ आम लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान शहर के बीचों-बीच दो आमने-सामने की रैलियां निकाली गईं, जिसमें एक तरफ लोगों ने फिलिस्तीन के समर्थन में आवाज उठाई तो दूसरी तरफ इजरायली सुरक्षा के समर्थन में भी प्रदर्शन किया गया। इस पूरी घटना के बाद से स्थानीय प्रशासन और पुलिस पूरी तरह से सतर्क नजर आ रही है ताकि किसी भी तरह की हिंसा या तनाव को फैलने से रोका जा सके।
गाजा के डॉक्टर की गिरफ्तारी पर बढ़ा विवाद
यह पूरा मामला गाजा के कमाल अदवान अस्पताल के निदेशक डॉ. हुसम अबू सफिया की गिरफ्तारी से जुड़ा हुआ है। डॉ. अबू सफिया पेशे से एक बाल रोग विशेषज्ञ और प्रसूति विशेषज्ञ हैं, जिन्हें इजरायली सेना ने 27 दिसंबर 2024 को हिरासत में लिया था। इजरायली अधिकारियों का आरोप है कि उनका हमास के साथ संबंध है, हालांकि उनके परिवार और गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। वर्तमान में उन्हें बिना किसी औपचारिक आरोप या मुकदमे के अनलॉफुल कॉम्बैटेंट्स लॉ के तहत जेल में रखा गया है। उनकी हिरासत की अवधि को 28 अप्रैल 2026 को आगे बढ़ा दिया गया था और उनकी रिहाई की अपील को इजराइल के सुप्रीम कोर्ट ने 16 जून 2026 को खारिज कर दिया, जिसके चलते वह कम से कम अक्टूबर 2026 तक हिरासत में रहेंगे।
मानवाधिकार संगठनों की चिंता और डॉक्टरों की रिपोर्ट
एमनेस्टी इंटरनेशनल, मेडिसिन्स सैंस फ्रंटियर्स और फिजीशियन फॉर ह्यूमन राइट्स इजराइल जैसे कई बड़े मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई है कि डॉ. अबू सफिया की सेहत काफी ज्यादा बिगड़ चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें शारीरिक प्रताड़ना दी जा रही है, खाने की कमी का सामना करना पड़ रहा है और समय पर जरूरी इलाज नहीं मिल रहा है। 3 जून 2026 को उन्हें एकांत कारावास में ट्रांसफर कर दिया गया था, जहां उनके वकील के अनुसार उन्हें राकेवेट डिटेंशन सेंटर में रोज पीटा जाता है। हालात को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने भी मार्च 2026 में औपचारिक रूप से उनकी तुरंत रिहाई की मांग की थी।
बुदपेस्ट में हुई रैलियों पर पुलिस और प्रशासन का रुख
बुदपेस्ट में फिलिस्तीन के समर्थन में यह रैली कम्युनिटी ऑफ फिलिस्तीन लिविंग इन हंगरी द्वारा सेंट्रल मार्केट हॉल के पास वामház बुलेवार्ड पर आयोजित की गई थी। वहीं दूसरी तरफ, हंगरी के यहूदी समुदाय की सुरक्षा के समर्थन में डोहाणी स्ट्रीट सिनेगॉग के बाहर एक इजरायल समर्थक प्रदर्शन भी साथ-साथ चलाया गया। हंगरी की पुलिस ने बताया कि उन्हें इस आयोजन को रोकने के लिए कोई कानूनी आधार नहीं मिला, हालांकि उन्होंने साल 2023 के अक्टूबर और नवंबर महीनों में इसी तरह के कई प्रदर्शनों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था।
फेडरेशन ऑफ हंगरी यहूदी कम्युनिटीज यानी मास्जिहिस् ने इस प्रदर्शन की कड़ी आलोचना करते हुए इसे आतंकवाद का समर्थन करने जैसा बताया है। दूसरी तरफ, हंगरी के विदेश मंत्रालय ने जून 2026 में यह स्पष्ट किया था कि देश संतुलित कूटनीतिक संबंध बनाए रखने और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है ताकि देश के भीतर किसी भी प्रकार का सांप्रदायिक तनाव न बढ़े।