केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में बजट पेश करते हुए देश के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के लिए खजाना खोल दिया है। सरकार ने रेलवे मंत्रालय के लिए रिकॉर्ड 2.75 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इस बजट में सबसे बड़ा फोकस हाई-स्पीड रेल यानी बुलेट ट्रेन नेटवर्क को बढ़ाने और जलमार्गों (Waterways) के जरिए सस्ता ट्रांसपोर्ट देने पर है। इसका सीधा असर आम आदमी की यात्रा और सामान की ढुलाई की लागत पर पड़ेगा।

इन 7 रूट पर बुलेट ट्रेन चलाने की तैयारी

रेलवे मंत्रालय ने देश भर में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर यानी बुलेट ट्रेन रूट की पहचान की है। मुंबई-अहमदाबाद प्रोजेक्ट का काम पहले से चल रहा है, लेकिन अब इन नए रास्तों के लिए भी तैयारी शुरू कर दी गई है। इन नए प्रोजेक्ट्स के लिए अब विदेशी तकनीक के बजाय देसी हाई-स्पीड तकनीक का इस्तेमाल होगा, जिसकी रफ्तार 250 किमी प्रति घंटा होगी।

घोषित किए गए 7 नए रूट:

  • दिल्ली – वाराणसी (865 किमी)
  • वाराणसी – सिलीगुड़ी (नॉर्थ-ईस्ट तक विस्तार)
  • मुंबई – पुणे
  • पुणे – हैदराबाद
  • हैदराबाद – चेन्नई
  • चेन्नई – बेंगलुरु
  • हैदराबाद – बेंगलुरु

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का सूरत-बिलिमोरा सेक्शन 2026 के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है, जबकि पूरी लाइन दिसंबर 2029 तक तैयार हो जाएगी।

पटना और ओडिशा के लिए वाटरवे प्रोजेक्ट में क्या है खास?

सरकार ने शिपिंग और अंतर्देशीय जलमार्ग (Inland Waterways) के लिए 70,000 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक पैकेज दिया है। इसका मकसद माल ढुलाई में जलमार्ग की हिस्सेदारी को 2030 तक 2% से बढ़ाकर 10% करना है। इसमें बिहार और ओडिशा के प्रोजेक्ट्स को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी गई है।

प्रमुख वाटरवे प्रोजेक्ट्स:

  • पटना (बिहार): पटना के गाय घाट पर एक इंटीग्रेटेड हब बनेगा। यह बिहार को हल्दिया और बांग्लादेश के चटगांव बंदरगाह से जोड़ेगा। बिहार की 7 नदियों (गंगा, कोसी, गंडक आदि) में ड्रेजिंग का काम होगा।
  • ओडिशा (NW-5): तालचर के कोयला क्षेत्रों को धामरा और पारादीप पोर्ट से जोड़ने के लिए 12,200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ओडिशा सरकार और IWAI मिलकर इसे पूरा करेंगे।
  • महानदी (NW-64): पारादीप से कटक तक महानदी के रास्ते को विकसित किया जाएगा।

प्रोजेक्ट का खर्च और कब तक होगा काम पूरा

बुलेट ट्रेन नेटवर्क के विस्तार के लिए करीब 15 ट्रिलियन रुपये (15 लाख करोड़) की जरूरत का अनुमान है। सरकार ने इसके लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पेश किया है, ताकि प्राइवेट कंपनियां भी इसमें पैसा लगा सकें। बड़े जहाजों और अंतर्देशीय जहाजों को अब ‘इंफ्रास्ट्रक्चर स्टेटस’ दिया गया है, जिससे उन्हें बैंकों से आसानी से लोन मिल सकेगा।

प्रोजेक्ट स्टेटस/डेडलाइन
सूरत-बिलिमोरा (बुलेट ट्रेन) 2026 के अंत तक शुरू
मुंबई-अहमदाबाद (पूरा रूट) दिसंबर 2029
ओडिशा वाटरवे (NW-5) 2027 के मध्य तक कोयला ढुलाई शुरू
नए बुलेट ट्रेन रूट 2030-2035 के बीच रोलआउट