वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए देश के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बदलने का बड़ा प्लान रखा है। सरकार ने ऐलान किया है कि आने वाले समय में देश भर में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग (National Waterways) विकसित किए जाएंगे। इसका सीधा मतलब है कि अब सामान ढोने और आने-जाने के लिए नदियों के रास्तों का इस्तेमाल बढ़ेगा। सरकार ने अगले 5 सालों के भीतर इन 20 नए मार्गों को पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य रखा है।

सबसे पहले ओडिशा में शुरू होगा काम

बजट में बताया गया है कि इन 20 नए रास्तों में सबसे पहले ओडिशा के ‘नेशनल वॉटरवे 5’ (NW5) पर काम शुरू किया जाएगा। यह जल मार्ग तलचर और अंगुल जैसे खनिज वाले इलाकों को पारादीप और धामरा के बंदरगाहों से जोड़ेगा। इससे कलिंगनगर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को भी सीधा फायदा होगा और सामान को बंदरगाह तक पहुँचाना सस्ता और आसान हो जाएगा। जानकारों का कहना है कि पानी के रास्ते माल ढुलाई शुरू होने से सड़कों और रेलवे पर बोझ कम होगा और ट्रांसपोर्ट का खर्चा भी घटेगा।

वाराणसी और पटना के लिए क्या खास है?

उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के लिए भी इस बजट में बड़ी खबर है। सरकार ने तय किया है कि वाराणसी और पटना में अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए विशेष ‘जहाज रिपेयर इकोसिस्टम’ (Ship Repair Ecosystem) बनाया जाएगा। यानी इन शहरों में जहाजों की मरम्मत और देखरेख के बड़े केंद्र खुलेंगे। इसके अलावा, दूरदराज के इलाकों तक पहुँचने के लिए ‘सी-प्लेन’ (Seaplane) चलाने की योजना को भी मदद दी जाएगी, जिससे पानी पर उतरने वाले छोटे विमानों का चलन बढ़ सकता है।

बजट में किस काम के लिए कितना पैसा मिला?

सरकार ने पानी के रास्ते व्यापार बढ़ाने के लिए खजाना खोल दिया है। जहाज बनाने और बंदरगाहों को सुधारने के लिए अलग-अलग फंड बनाए गए हैं। नीचे दी गई टेबल में आप समझ सकते हैं कि किस योजना पर कितना खर्च करने का प्रस्ताव है:

योजना का नाम प्रस्तावित राशि
बुनियादी ढांचा (Capex) ₹12.2 लाख करोड़
मैरीटाइम डेवलपमेंट फंड ₹25,000 करोड़
सागरमाला 2.0 (अगले 10 साल) ₹40,000 करोड़
शिपबिल्डिंग स्कीम्स ₹44,000 करोड़ (लगभग)

सरकार ने तटीय शिपिंग को बढ़ावा देने के लिए ‘कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम’ लाने की भी बात कही है। इसका मकसद देश के भीतर एक जगह से दूसरी जगह सामान भेजने के लिए पानी के रास्तों का ज्यादा इस्तेमाल करना है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.