केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में व्यापारियों और इंपोर्टर्स को बड़ी राहत दी है। अब कस्टम क्लीयरेंस के नाम पर पोर्ट पर महीनों तक माल नहीं रोका जाएगा। वित्त मंत्री ने 1 फरवरी 2026 को बजट पेश करते हुए कस्टम नियमों में बड़े बदलाव किए हैं, जिससे सामान छुड़ाना आसान हो जाएगा और व्यापारियों का खर्चा भी बचेगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य बिजनेस को सरल बनाना और मैन्युफैक्चरिंग में होने वाली देरी को खत्म करना है।

किन व्यापारियों को मिलेगा तुरंत क्लीयरेंस?

सरकार ने ‘भरोसेमंद आयातकों’ (Trusted Importers) की एक लिस्ट तैयार करने का फैसला किया है। इस लिस्ट में शामिल कंपनियों का माल पोर्ट पर आते ही ऑटोमेटिक क्लियर माना जाएगा। अब संदिग्ध सामानों की जांच पोर्ट के गोदामों में रोककर नहीं की जाएगी।

अमेरिका की तर्ज पर अब यह जांच सीधे व्यापारी की फैक्ट्री या गोदाम (Off-site Inspection) पर होगी। इससे पोर्ट पर माल अटकने की समस्या खत्म होगी। साथ ही, जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए अधिकारियों को बॉडी कैमरा पहनना होगा, जिसकी रिकॉर्डिंग दो साल तक सुरक्षित रखी जाएगी।

कस्टम ड्यूटी भरने के लिए अब कितना समय मिलेगा?

छोटे और बड़े व्यापारियों की सुविधा के लिए ड्यूटी पेमेंट के नियमों में भी ढील दी गई है। यह नियम 1 मार्च 2026 से प्रभावी होंगे।

  • 30 दिन का समय: अब टियर-2 और टियर-3 AEO ऑपरेटर्स को ड्यूटी भरने के लिए 15 दिन की जगह 30 दिन का समय मिलेगा।
  • महीने भर का हिसाब: किसी भी महीने की 1 तारीख से आखिरी तारीख तक के बिलों का भुगतान अगले महीने की 1 तारीख तक किया जा सकेगा।
  • मार्च के लिए अलग नियम: मार्च महीने में आए माल की ड्यूटी का भुगतान 31 मार्च तक करना अनिवार्य होगा।

कितनी तेजी से होगा अब काम?

सरकार ने कस्टम क्लीयरेंस की प्रक्रिया को बहुत तेज करने का लक्ष्य रखा है। अभी सामान क्लियर होने में औसतन 3 से 4 दिन लगते हैं, जिसे घटाकर 48 घंटे करने का टारगेट रखा गया है। इसके अलावा, एक्सपोर्ट कार्गो को भी ई-सीलिंग (e-sealing) के जरिए सीधे फैक्ट्री से पोर्ट भेजा जा सकेगा, जिससे पोर्ट पर लाइन में लगने का झंझट खत्म हो जाएगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.