वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को देश का आम बजट पेश करने जा रही हैं। यह उनका नौवां बजट है और इस बार इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर को सरकार से बहुत ज्यादा उम्मीदें हैं। 31 मार्च 2026 को मौजूदा PM E-DRIVE स्कीम खत्म होने वाली है, इसलिए गाड़ी खरीदने वाले और बनाने वाली कंपनियां दोनों ही कल होने वाले ऐलान का इंतजार कर रहे हैं।

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क्या सस्ती होंगी इलेक्ट्रिक गाड़ियां?

अभी PM E-DRIVE स्कीम के नियम के मुताबिक, 1.5 लाख रुपये तक की कीमत वाले इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर ही सब्सिडी का लाभ मिलता है। कंपनियों ने सरकार से मांग की है कि इस कीमत की सीमा को बढ़ाया जाए। बैटरी और तकनीक महंगी होने के कारण गाड़ियां महंगी हो रही हैं, इसलिए ज्यादा कीमत वाली गाड़ियों पर भी छूट की मांग की गई है। इसके अलावा FAME-III स्कीम को लॉन्च करने या पुरानी स्कीम को ही आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।

स्पेयर पार्ट्स और सर्विसिंग पर टैक्स कम करने की मांग

इलेक्ट्रिक गाड़ियों के स्पेयर पार्ट्स और रिपेयरिंग पर अभी 18% GST लगता है, जबकि गाड़ी पर कम टैक्स है। इंडस्ट्री ने मांग की है कि स्पेयर पार्ट्स पर भी GST घटाकर 5% किया जाए। अगर वित्त मंत्री यह फैसला लेती हैं, तो गाड़ी की सर्विसिंग और रखरखाव आम आदमी की जेब पर भारी नहीं पड़ेगा। साथ ही बैटरी रीसाइकिल करने वाली तकनीक के लिए भी सरकार मदद का ऐलान कर सकती है।

चार्जिंग और सस्ते लोन की तैयारी

सरकार एक ‘सुपर ऐप’ की घोषणा कर सकती है जो पूरे भारत में मौजूद चार्जिंग स्टेशनों की जानकारी देगा और पेमेंट आसान बनाएगा। इसके अलावा कमर्शियल इस्तेमाल वाली इलेक्ट्रिक बसों और ट्रकों के लिए ‘ग्रीन लोन’ की सुविधा मिल सकती है, जिसमें ब्याज दर 4 से 6 प्रतिशत रहने की संभावना है। चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए आसान फाइनेंस और मंजूरी मिलने की भी उम्मीद है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.