वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में केंद्रीय बजट पेश किया। इस बार आम करदाताओं को इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव की काफी उम्मीदें थीं, लेकिन सरकार ने मौजूदा स्लैब में कोई भी फेरबदल नहीं किया है। हालांकि, सरकार ने उन लोगों के लिए एक राहत भरा कदम उठाया है जिनके पास विदेश में अघोषित संपत्ति है। इसके अलावा, विदेश यात्रा और पढ़ाई के खर्च पर लगने वाले टैक्स में भी कमी की गई है।
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इनकम टैक्स स्लैब की मौजूदा स्थिति
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए टैक्स स्लैब में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है। नई और पुरानी दोनों टैक्स व्यवस्थाएं पहले की तरह ही लागू रहेंगी। नई टैक्स व्यवस्था के तहत 4 लाख रुपये तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। स्लैब की स्थिति इस प्रकार है:
| आय सीमा (नई व्यवस्था) | टैक्स दर |
|---|---|
| ₹0 – ₹4 लाख | शून्य (Nil) |
| ₹4 – ₹8 लाख | 5% |
| ₹8 – ₹12 लाख | 10% |
| ₹12 – ₹16 लाख | 15% |
| ₹16 – ₹20 लाख | 20% |
| ₹20 – ₹24 लाख | 25% |
| ₹24 लाख से ऊपर | 30% |
पुरानी टैक्स व्यवस्था में भी बेसिक छूट सीमा 2.5 लाख रुपये ही बनी रहेगी।
विदेश में छिपी कमाई पर सरकार का नया नियम
सरकार ने बजट में ‘फॉरेन एसेट डिस्क्लोजर स्कीम’ की घोषणा की है। इसका मकसद उन लोगों को कानूनी पचड़ों से बचाना है जिनके पास विदेश में अघोषित आय या संपत्ति है।
- 1 करोड़ तक की छूट: यह नियम 1 करोड़ रुपये तक की विदेशी संपत्ति पर लागू होगा।
- सजा से मुक्ति: अगर कोई व्यक्ति खुद अपनी अघोषित आय की जानकारी देता है, तो उस पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी और न ही उसे जेल जाना पड़ेगा।
- टैक्स का भुगतान: इस आय पर 30% टैक्स और 30% अतिरिक्त टैक्स देना होगा, यानी कुल मिलाकर 60% राशि सरकार को देनी होगी।
रिटर्न भरने की तारीख और TCS में कटौती
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है। अगर कोई समय पर रिटर्न नहीं भर पाता है, तो वह 31 मार्च तक लेट फीस के साथ रिटर्न भर सकता है। इसके अलावा, आम लोगों को राहत देते हुए सरकार ने विदेशी टूर पैकेज और शिक्षा व इलाज के लिए विदेश भेजे जाने वाले पैसे पर TCS की दर को घटाकर 2 फीसदी कर दिया है। पहले यह दर काफी ज्यादा थी।
