वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट 2026-27 पेश करते हुए देश के बुनियादी ढांचे यानी इंफ्रास्ट्रक्चर पर सबसे ज्यादा जोर दिया है। सरकार ने इस साल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए कुल बजट को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। यह रकम पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा है, जब सरकार ने 11.21 लाख करोड़ रुपये खर्च किए थे। इस बजट में स्टील, सीमेंट और निर्माण क्षेत्र के लोगों के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं।

हाई-एमिशन सेक्टर के लिए 20,000 करोड़ की योजना

वित्त मंत्री ने भारी उद्योगों, खास तौर पर स्टील और सीमेंट कंपनियों के लिए एक बड़ी राहत दी है। सरकार ने ‘कार्बन कैप्चर और यूटिलाइजेशन’ (CCUS) स्कीम के तहत 20,000 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया है। यह पैसा अगले 5 सालों में खर्च किया जाएगा।

इस योजना का सीधा मकसद इन कंपनियों को ऐसी तकनीक अपनाने में मदद करना है, जिससे धुएं और कार्बन का उत्सर्जन कम हो सके। सरकार का यह कदम इन उद्योगों को आधुनिक बनाने और पर्यावरण के अनुकूल काम करने में सहायता करेगा। शेयर बाजार में इस खबर के बाद सीमेंट और स्टील कंपनियों के शेयरों में हलचल देखी गई है।

डेवलपर्स और बिल्डर्स को क्या मिला

निजी क्षेत्र के डेवलपर्स के लिए सरकार ने काम करना थोड़ा आसान कर दिया है। एक नए ‘इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड’ की शुरुआत की गई है। अक्सर निर्माण के दौरान प्रोजेक्ट अटकने या जोखिम का डर रहता था, जिसे यह फंड कम करेगा। इससे डेवलपर्स को बैंकों से कर्ज मिलना भी आसान हो जाएगा।

इसके अलावा, सरकार ने शहरों के विकास के लिए भी खजाना खोला है:

  • सिटी इकोनॉमिक रीजन्स: देश के बड़े शहरों को आर्थिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए हर रीजन को 5,000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
  • संपत्ति का इस्तेमाल: सरकारी कंपनियों की खाली पड़ी जमीनों और संपत्तियों के सही इस्तेमाल के लिए नए REITs लाने का प्रस्ताव है, जिससे डेवलपर्स को नए प्रोजेक्ट्स मिल सकेंगे।

रेल और जलमार्ग पर भी बड़े फैसले

बजट में आम आदमी के सफर और माल ढुलाई को तेज करने के लिए भी कई घोषणाएं हुई हैं। मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद और बेंगलुरु-चेन्नई जैसे महत्वपूर्ण रूटों पर 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।

व्यापार को बढ़ावा देने के लिए पश्चिम बंगाल के डंकुनी से गुजरात के सूरत तक एक नया माल ढुलाई गलियारा (Dedicated Freight Corridor) बनाया जाएगा। पानी के रास्ते व्यापार बढ़ाने के लिए अगले 5 सालों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, वाराणसी और पटना में जहाजों की मरम्मत के लिए नए केंद्र बनाए जाएंगे।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.