Bulgaria News: बुल्गारिया की राजनीति में भूचाल, विपक्षी पार्टी ने यूक्रेनी राजदूत को देश से बाहर निकालने की मांग की

Nura Basta11 August 20264 min read52 viewsWorld
Bulgaria News: बुल्गारिया की राजनीति में भूचाल, विपक्षी पार्टी ने यूक्रेनी राजदूत को देश से बाहर निकालने की मांग की

बुल्गारिया की राजनीति में इन दिनों बड़ा घमासान मचा हुआ है और देश के हालात को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सोफिया से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, बुल्गारिया की विपक्षी पार्टी ‘रिवाइवल’ के नेता कोस्टाडिन कोस्टाडिनोव ने यूक्रेन की राजदूत ओलेसिया इलाशचुक को देश से तुरंत बाहर यानी निष्कासित करने की मांग उठाई है। इस मांग के सामने आने के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी ज्यादा बढ़ गई है और आम लोग भी इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं। विपक्षी नेता ने खुले तौर पर आरोप लगाया है कि यूक्रेनी राजदूत बुल्गारिया के अंदरूनी मामलों में दखलअंदाजी कर रही हैं और देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए कई सवाल खड़े हो रहे हैं। रूस के अंतरराष्ट्रीय समाचार टेलीविजन नेटवर्क रशिया टुडे (आरटी) के मुताबिक, कोस्टाडिनोव ने साफ शब्दों में कहा है कि सोफिया सरकार को फौरन इलाशचुक को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ यानी ‘अवांछित व्यक्ति’ घोषित कर देना चाहिए। यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब बुल्गारिया के विदेश मंत्रालय ने खुद राजदूत को तलब करने का ऐलान किया था, जिसके बाद विपक्षी पार्टी का यह बड़ा बयान सामने आया है।

ड्रोन गिरने की घटना से गरमाया माहौल

यह पूरा नया विवाद एक खतरनाक यूक्रेनी ड्रोन से जुड़ी घटना के बाद अचानक से शुरू हुआ है। बुल्गारियाई अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि एक मानवरहित हवाई वाहन यानी ड्रोन पड़ोसी देश रोमानिया के हवाई क्षेत्र से होते हुए सीधे बुल्गारिया की सीमा में दाखिल हो गया था। यह ड्रोन पूर्व करदाम सीमा चौकी के पास अचानक दुर्घटनाग्रस्त होकर बुरी तरह से फट गया, जिससे आसपास के इलाकों में डर का माहौल बन गया। जिस जगह पर यह ड्रोन गिरा, वह इलाका ट्रांस-बाल्कन गैस पाइपलाइन पर बने एक कंप्रेसर स्टेशन से महज एक किलोमीटर की दूरी पर था। बुल्गारिया के रक्षा मंत्रालय ने शुरुआती जांच और आकलन के बाद यह बात कही थी कि यह संभवतः एक ‘माया’ डिकॉय ड्रोन था, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर यूक्रेनी सेना करती है। हालांकि, मंत्रालय ने उस समय यह भी स्पष्ट किया था कि फिलहाल ऐसा कोई भी पुख्ता संकेत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो सके कि उस ड्रोन को जानबूझकर बुल्गारिया के इलाके में भेजा गया था।

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विपक्षी नेता का सरकार पर गंभीर आरोप

विपक्षी नेता कोस्टाडिन कोस्टाडिनोव ने सरकार के इस शुरुआती बयान और आकलन पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि वे इतनी बड़ी सुरक्षा चूक की घटना को बहुत हल्के में ले रहे हैं और मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका साफ कहना था कि घटनास्थल पर जो नुकसान हुआ है, वह किसी आम और बिना हथियार वाले टोही ड्रोन की टक्कर से होने वाले नुकसान जैसा बिल्कुल भी नहीं लग रहा था। उन्होंने इस पूरी घटना को सीधे तौर पर “आक्रामकता का कृत्य” करार दिया और सरकार से कड़े सवाल पूछे कि क्या यूक्रेन के अन्य ड्रोन भी चुपचाप बुल्गारिया के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए थे। इसके साथ ही कोस्टाडिनोव ने राजदूत इलाशचुक से उन दो पूर्व यूक्रेनी सैनिकों के मामले पर भी जवाब मांगा है, जिन्हें इस साल की शुरुआत में बुल्गारिया के अंदर कथित जासूसी करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था।

जासूसी मामले और कूटनीतिक दबाव का जिक्र

‘रिवाइवल’ पार्टी का यह दावा है कि जिन दो लोगों को हिरासत में लिया गया था, उन्होंने देश की बहुत संवेदनशील जानकारियां गैरकानूनी तरीके से हासिल की थीं। इन जानकारियों में बाल्कन स्ट्रीम गैस पाइपलाइन से जुड़े महत्वपूर्ण कंप्रेसर स्टेशनों के सटीक स्थान और उनके तकनीकी विवरण शामिल होने की बात कही जा रही है। कोस्टाडिनोव ने देश के मीडिया में छपी उन खबरों का भी हवाला दिया जिनमें यह कहा गया था कि इस पूरे मामले में राजदूत इलाशचुक की तरफ से काफी ज्यादा राजनयिक दबाव बनाया जा रहा है। उनका मानना है कि राजदूत की ऐसी हरकतें बुल्गारिया और यूक्रेन के बीच आपसी संबंधों को सुधारने में बिल्कुल भी मदद नहीं कर रही हैं, बल्कि तनाव को और ज्यादा बढ़ा रही हैं।

युद्ध और अंतरराष्ट्रीय हालात पर असर

यह सारा विवाद ऐसे संवेदनशील समय पर सामने आया है जब बुल्गारिया की नई सरकार यूक्रेन युद्ध को लेकर अपनी नीतियों और रुख में बड़ा बदलाव करती हुई नजर आ रही है। सरकार ने इसी साल की शुरुआत में यूक्रेन को किसी भी तरह की हथियारों की आपूर्ति रोकने का बड़ा फैसला लिया था और रूस-यूक्रेन संघर्ष को पूरी तरह खत्म करने के लिए आपसी बातचीत की मांग का खुलकर समर्थन किया था। यह पूरा घटनाक्रम उस समय के बाद सामने आया है जब पड़ोसी देशों के हवाई क्षेत्रों में यूक्रेनी ड्रोन के पहुंचने की कई और घटनाएं भी दर्ज की जा चुकी हैं। बीते जून के महीने में रोमानिया के कॉन्स्टांटा बंदरगाह के अंदर और उसके आसपास चार यूक्रेनी नौसैनिक ड्रोन में जोरदार धमाके हुए थे। उस वक्त कीव की तरफ से यह सफाई दी गई थी कि उन ड्रोन पर उनका नियंत्रण पूरी तरह से खत्म हो गया था। दूसरी तरफ, मॉस्को लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि यूक्रेन जानबूझकर इस संघर्ष को एक बड़े इलाके में फैला रहा है और ऐसी वारदातों को बढ़ावा दे रहा है जिससे नाटो देश सीधे तौर पर रूस के साथ टकराव के रास्ते पर आ जाएं। रूस का यह भी कहना है कि पश्चिमी देशों की तरफ से यूक्रेन को लगातार मिल रही सैन्य मदद इस पूरे क्षेत्र में तनाव को और ज्यादा खतरनाक बना रही है।

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