शनिवार 4 अप्रैल 2026 को ईरान के बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास एक बड़ा हमला हुआ है। इस हमले के लिए अमेरिका और इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया जा रहा है। रूस ने इस कार्रवाई को एक बुरा काम बताया है और वहां से अपने कर्मचारियों को निकालना शुरू कर दिया है। हमले में एक सुरक्षा गार्ड की मौत की पुष्टि हुई है लेकिन प्लांट सुरक्षित बताया जा रहा है।

बुशहर परमाणु प्लांट हमले में क्या हुआ?

ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे प्लांट के पास एक मिसाइल या ड्रोन गिरा। इससे प्लांट की एक सपोर्ट बिल्डिंग को नुकसान पहुंचा और वहां ड्यूटी पर तैनात एक गार्ड की जान चली गई। अच्छी बात यह है कि मुख्य न्यूक्लियर रिएक्टर को कोई नुकसान नहीं हुआ है। रूस की कंपनी रोसाटॉम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वहां काम कर रहे अपने 198 कर्मचारियों को बाहर निकालने का फैसला लिया है।

खाड़ी देशों और प्रवासियों पर इसका क्या असर होगा?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस हमले के बाद एक कड़ी चेतावनी दी है जो खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि अगर परमाणु प्लांट पर हमले जारी रहे, तो इससे निकलने वाला रेडिएशन केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। यह हवा के ज़रिए सऊदी अरब, यूएई, कतर और कुवैत जैसे देशों तक पहुंच सकता है। खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं और ऐसी स्थिति में वहां के पर्यावरण और जीवन पर बुरा असर पड़ सकता है।

  • तारीख: 4 अप्रैल 2026, शनिवार
  • समय: सुबह 8:30 बजे (स्थानीय समय)
  • नुकसान: एक गार्ड की मौत, एक सपोर्ट बिल्डिंग क्षतिग्रस्त
  • रेडिएशन रिपोर्ट: IAEA ने कहा है कि फिलहाल रेडिएशन का कोई खतरा नहीं है
  • रूस का कदम: 198 कर्मचारियों को वापस बुलाना शुरू किया
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com