प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में Startup India Fund of Funds 2.0 को हरी झंडी दे दी गई है। सरकार ने देश में नए व्यापार और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का फंड मंजूर किया है। यह फैसला 13 फरवरी 2026 को लिया गया था, जिसकी आधिकारिक घोषणा 14 फरवरी को की गई। इसका सीधा मकसद देश के युवाओं और नए उद्यमियों को आर्थिक मदद पहुँचाना है ताकि उनके आइडिया पैसे की कमी से न रुकें।

डीप टेक और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर खास फोकस

इस फंड का मुख्य उद्देश्य Deep Tech, मैन्युफैक्चरिंग और शुरुआती दौर के स्टार्टअप्स को लंबी अवधि के लिए पूंजी उपलब्ध कराना है। सरकार ने इसे ‘पेशेंट कैपिटल’ (Patient Capital) का नाम दिया है, जिसका मतलब है कि इसमें पैसा लंबे समय तक निवेशित रहेगा ताकि कंपनियों को बढ़ने का पूरा मौका मिले। यह फंड सीधे किसी स्टार्टअप में पैसा नहीं लगाएगा, बल्कि यह SEBI में रजिस्टर्ड अलग-अलग फंड्स (AIFs) के जरिए निवेश करेगा। इसका संचालन SIDBI द्वारा किया जाएगा।

छोटे शहरों और नए लोगों को मिलेगी प्राथमिकता

इस बार सरकार ने नियमों में कुछ बड़े बदलाव किए हैं। अब Tier 2 और Tier 3 शहरों के स्टार्टअप्स को भी निवेश का फायदा मिलेगा। सरकार चाहती है कि सिर्फ बड़े शहरों तक ही विकास सीमित न रहे। इसके अलावा, डीप टेक और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े फंड्स में सरकार अब पहले से ज्यादा हिस्सेदारी देगी। इससे भारत की घरेलू वेंचर कैपिटल (VC) व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और विदेशी पैसे पर निर्भरता कम होगी।

सरकार ने बदले नियम और जारी किए नए आंकड़े

कैबिनेट मीटिंग में यह भी बताया गया कि स्टार्टअप्स के लिए टर्नओवर की सीमा को बढ़ाकर अब 200 करोड़ रुपये कर दिया गया है। साथ ही ‘डीप टेक स्टार्टअप्स’ के लिए एक नई कैटेगरी बनाई गई है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 2016 में शुरू हुए पहले फंड ने अब तक 21 लाख से ज्यादा नौकरियां पैदा करने में मदद की है।

मुख्य बातें एक नज़र में:

  • फंड की राशि: ₹10,000 करोड़
  • संचालन एजेंसी: SIDBI
  • फोकस एरिया: डीप टेक और मैन्युफैक्चरिंग
  • पुरानी सफलता: पिछले फंड से ₹25,500 करोड़ का निवेश आया
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.