काहिरा में शनिवार, 20 जून 2026 को एक बहुत अहम बैठक हुई। इस बैठक में सऊदी अरब, मिस्र और तुर्की के विदेश मंत्रियों ने अमेरिका के एक वरिष्ठ सलाहकार के साथ मुलाकात की। इस मुलाकात का मुख्य मकसद इलाके में शांति बनाए रखना और मौजूदा संकटों को मिलकर सुलझाना था।
इस बैठक में मिस्र के विदेश मंत्री Badr Abdelatty, सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan Al Saud और तुर्की के विदेश मंत्री Hakan Fidan शामिल हुए। उनके साथ अमेरिका के राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार Massad Boulos मौजूद थे, जो अरब और अफ्रीकी मामलों को देखते हैं।
मीटिंग के दौरान ईरान के मुद्दे पर विस्तार से बात हुई। हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौते (Memorandum of Understanding) पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिस पर चर्चा की गई। सभी नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि इलाके में स्थिरता लाने के लिए तनाव को कम करना बहुत जरूरी है।
नेताओं ने लीबिया की स्थिति पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि लीबिया की एकता और उसकी संप्रभुता को बचाए रखना चाहिए और वहां की सरकारी संस्थाओं को एक साथ लाना जरूरी है। इसके साथ ही, फिलिस्तीन के मुद्दे और गाज़ा पट्टी में चल रहे हालातों की भी समीक्षा की गई।
बैठक के आखिरी हिस्से में अफ्रीका में हो रहे नए बदलावों और वहां की सुरक्षा को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, इस बड़ी बैठक से पहले 18 जून 2026 को मिस्र के विदेश मंत्री Badr Abdelatty ने अमेरिकी सलाहकार Massad Boulos से फोन पर भी बातचीत की थी ताकि क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की जा सके।
