मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को रोकने के लिए मिस्र, सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के विदेश मंत्री 21 जून 2026 को काहिरा में मिलने वाले हैं। इस मीटिंग का मकसद इलाके में शांति लाना और डिप्लोमैटिक कोशिशों को बढ़ाना है। इसे ‘R-4 विदेश मंत्रियों की चौथी बैठक’ कहा जा रहा है।
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यह बैठक काहिरा के न्यू एडमिनिस्ट्रेटिव कैपिटल के Rixos Hotel में होगी। इससे पहले इस तरह की मीटिंग्स रियाद, इस्लामाबाद और अंताल्या में भी आयोजित की जा चुकी हैं। इस अहम चर्चा में मिस्र के विदेश मंत्री Badr Abdelatty, सऊदी अरब के प्रिंस Faisal bin Farhan, तुर्की के Hakan Fidan और पाकिस्तान के Muhammad Ishaq Dar हिस्सा लेंगे।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर
इस मीटिंग के पीछे की बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली सीधी बातचीत का टलना है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने एक शांति समझौते (MoU) पर साइन किए थे। इस समझौते के बाद 60 दिनों की बातचीत तय हुई थी, जिसमें परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने जैसे मुद्दे शामिल थे, लेकिन स्विट्जरलैंड में होने वाली बातचीत अब अनिश्चित काल के लिए टल गई है।
काहिरा में होने वाली चर्चा का मुख्य उद्देश्य इस शांति समझौते के असर को बचाए रखना और मिडिल ईस्ट में दोबारा टकराव को रोकना है। साथ ही लेबनान में इसराइल और ईरान समर्थित हिजबुल्ला के बीच चल रही लड़ाई पर भी विचार किया जाएगा।
शांति के लिए उठाए जा रहे कदम
तुर्की के विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, विदेश मंत्री Hakan Fidan अमेरिका-ईरान समझौते का समर्थन करेंगे और इस बात पर जोर देंगे कि किसी भी देश को ऐसी हरकत नहीं करनी चाहिए जिससे यह समझौता खतरे में पड़े। वह क्षेत्रीय समस्याओं को मिलकर सुलझाने की बात करेंगे।
मिस्र के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि इस बैठक के बाद विस्तार से बातचीत होगी और एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की जाएगी। इन सभी देशों का मानना है कि फिलिस्तीन मुद्दे को टू-स्टेट सॉल्यूशन के जरिए सुलझाना बहुत जरूरी है, तभी पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता आएगी।
