ईरान ने हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। कनाडा ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और साफ तौर पर कहा है कि वह इस मुश्किल घड़ी में अमीराती लोगों के साथ खड़ा है।

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ईरान के हमले में क्या हुआ और कितना नुकसान हुआ

ईरान ने अपनी ज़मीन से UAE की तरफ मिसाइल और ड्रोन दागे थे। UAE के एयर डिफेंस सिस्टम ने ज़्यादातर प्रोजेक्टाइल्स को हवा में ही रोक लिया। हालांकि, Fujairah के एक तेल डिपो पर ड्रोन गिरने से आग लग गई, जिसमें तीन लोग घायल हुए। 4 और 5 मई 2026 को फारस की खाड़ी में अमेरिका और ईरान के बीच भी गोलाबारी हुई, जिससे हालात और बिगड़ गए। अमेरिकी सेना ने Strait of Hormuz को दोबारा खोलने के लिए ईरानी सेना की छह छोटी नावों को डुबोया था।

कनाडा का क्या स्टैंड है और तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ा

कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney ने UAE के बचाव प्रयासों की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि UAE ने आम नागरिकों और ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को बचाने के लिए बेहतरीन काम किया। कनाडा ने इस हमले को बिना उकसावे वाला बताया है। इस पूरे तनाव का असर दुनिया भर के बाज़ार पर पड़ा और Brent crude तेल की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान के हमले में UAE में कोई जानमाल का नुकसान हुआ?

UAE के एयर डिफेंस ने ज़्यादातर मिसाइलों को रोक लिया था, लेकिन फुज़ैरह में एक तेल सुविधा पर ड्रोन हमले से आग लग गई, जिसमें तीन लोग घायल हुए।

इस हमले का अंतरराष्ट्रीय तेल बाज़ार पर क्या असर पड़ा?

क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की कीमतें बढ़ गईं और Brent crude का भाव 115 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया।