कनाडा ने आधिकारिक रूप से ईरान द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों पर किए जा रहे हमलों की कड़ी निंदा की है। 12 जुलाई 2026 को सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा सरकार ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ माना है। ईरान ने चेतावनी देने और एक जहाज को रोकने के बाद इस रास्ते को अनिश्चित काल के लिए बंद करने की घोषणा कर दी है, जिससे मध्य पूर्व में तनाव काफी बढ़ गया है।
👉: Saudi Arabia और Iraq का बड़ा फैसला, अपनी जमीन का इस्तेमाल पड़ोसी देशों के खिलाफ नहीं होने देगा इराक।
तनावपूर्ण स्थिति और सैन्य कार्रवाई
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा संघर्ष 11 और 12 जुलाई 2026 को उस समय चरम पर पहुंच गया जब दोनों देशों ने एक-दूसरे पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। एक साइप्रस के ध्वज वाले कंटेनर जहाज पर हुए ईरानी हमले में जहाज के इंजन को भारी नुकसान पहुंचा और एक कर्मी लापता हो गया। इसके जवाब में, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के लगभग 140 सैन्य ठिकानों पर हमले किए ताकि व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
खाड़ी देशों पर असर और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
ईरान के इन जवाबी हमलों की जद में बहरीन, कुवैत, कतर, ओमान और जॉर्डन जैसे देश भी आए हैं। कनाडाई विदेश मंत्री अनीता आनंद ने इन हमलों को अस्वीकार्य बताया है और इसे ईरान और अमेरिका के बीच हुए 60-दिवसीय संघर्ष विराम का उल्लंघन करार दिया है। इससे पहले 19 मार्च 2026 को भी कनाडा, यूके, जापान और नीदरलैंड्स समेत कई देशों ने संयुक्त बयान जारी कर समुद्री नेविगेशन की आजादी पर जोर दिया था। फिलहाल ओमान, ईरान के साथ बातचीत के जरिए सुरक्षित मार्ग खोलने की कोशिश में जुटा है।
