कनाडा की कड़ी आपत्ति, इसराइल द्वारा राहत कर्मियों की मौत पर जांच बंद करने के फैसले पर जताया गुस्सा.

कनाडा की विदेश मंत्री Anita Anand ने इसराइली सेना के उस फैसले पर तीखी नाराजगी जताई है जिसके तहत अप्रैल 2024 में गाजा में हुए हवाई हमलों की आपराधिक जांच को बंद कर दिया गया है। इन हमलों में एक कनाडाई नागरिक और सैन्य दिग्गज Jacob Flickinger समेत सात वर्ल्ड सेंट्रल किचन के सहायता कर्मी मारे गए थे। इसराइली सैन्य अभियोजक ने बुधवार, 19 अगस्त 2026 को यह घोषणा की थी कि इस मामले में कोई आपराधिक आरोप नहीं चलाया जाएगा क्योंकि हालांकि गंभीर विफलताएं हुईं थीं लेकिन आपराधिक कदाचार का कोई उचित संदेह नहीं पाया गया।
कनाडा सरकार की प्रतिक्रिया और नाराजगी
कनाडा की मंत्री Anita Anand ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को एक बयान जारी करते हुए इस फैसले को पूरी तरह से अस्वीकार्य करार दिया। उन्होंने कहा कि गंभीर प्रक्रियात्मक विफलताओं के सामने आने के बाद आगे की जवाबदेही तय होना बहुत जरूरी था और इस तरह अचानक मामला बंद कर देने से पीड़ितों के परिवारों को वे जवाब नहीं मिल सके जिनकी तलाश वे पिछले दो साल से अधिक समय से कर रहे थे। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कनाडा यह उम्मीद करता है कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पूरी तरह से पालन किया जाएगा और उन्होंने यह भरोसा दिलाया कि वह इस घटना की पूरी सच्चाई सामने लाने तथा मृत कर्मियों और उनके परिवारों को न्याय दिलाने के लिए अपनी कोशिशें जारी रखेंगी।
वर्ल्ड Central Kitchen का कड़ा रुख
दूसरी तरफ, सहायता संगठन वर्ल्ड सेंट्रल किचन ने इसराइली सेना की इस सफाई को बेहद आक्रामक और सच्चाई से कोसों दूर बताया है। संगठन का यह साफ कहना है कि इसराइल डिफेंस फोर्सेज यानी IDF को इस बात की पूरी जानकारी थी कि उनकी टीम कौन है, वे कहां जा रहे हैं और उनका दर्जा पूरी तरह से निहत्थे मानवीय कार्यकर्ताओं का था। इस पूरी घटना के बाद वर्ल्ड सेंट्रल किचन ने मांग की है कि इस बड़े हादसे की निष्पक्ष जांच के लिए एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय आयोग का गठन किया जाना चाहिए ताकि असली सच्चाई सामने आ सके।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा कूटनीतिक दबाव
इस फैसले के सामने आने के बाद दुनिया भर के देशों में नाराजगी और कूटनीतिक दबाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री Penny Wong ने ऑस्ट्रेलियाई सहायता कर्मी Zomi Frankcom की मौत पर अपनी गहरी और सख्त नाराजगी व्यक्त की है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने इस पूरे मामले पर अपनी कड़ी आपत्ति सीधे तौर पर दर्ज कराने के लिए इसराइली राजदूत को उच्च स्तरीय चर्चा के लिए तलब किया। आपको बता दें कि अप्रैल 2024 में हुए इन हवाई हमलों में अपनी जान गंवाने वाले सातों राहत कर्मी कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम, पोलैंड, अमेरिका और फलस्तीन जैसे विभिन्न देशों के नागरिक थे।