कनाडा और चीन के बीच एक ऐतिहासिक व्यापार समझौता हुआ है, जिसने दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव को कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने बीजिंग में बातचीत के बाद घोषणा की है कि कनाडा चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) पर लगने वाले भारी-भरकम टैरिफ को कम करेगा। इस फैसले के बदले में, चीन ने कनाडा के कृषि उत्पादों, विशेष रूप से कैनोला और सी-फूड पर लगाए गए अपने जवाबी शुल्क को घटाने और हटाने पर सहमति जताई है।

चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर बड़ी छूट

इस नए समझौते के तहत, कनाडा ने चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों के आयात नियमों में बड़ी ढील दी है। अब चीनी कारों पर लगने वाला 100 प्रतिशत का टैरिफ घटाकर सिर्फ 6.1 प्रतिशत कर दिया जाएगा। यह छूट सालाना 49,000 चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लागू होगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से कनाडा के बाजार में इलेक्ट्रिक गाड़ियां सस्ती होंगी। अनुमान है कि 2030 तक, इनमें से आधे आयातित वाहनों की कीमत 35,000 डॉलर से कम होगी, जिससे आम लोगों के लिए ईवी खरीदना आसान हो जाएगा।

कनाडा के किसानों और सी-फूड उद्योग को फायदा

चीन ने कनाडा के इस कदम के जवाब में कनाडाई कृषि निर्यातकों को बड़ी राहत दी है। समझौते के मुताबिक, चीन कनाडाई कैनोला बीज और अन्य उत्पादों पर से अपनी सख्ती कम करेगा। यह कनाडाई किसानों के लिए एक बड़ी जीत है, जो पिछले काफी समय से चीन के प्रतिबंधों का सामना कर रहे थे। नीचे दी गई तालिका में प्रमुख बदलावों का विवरण है:

उत्पाद (Product) बदलाव (Changes) लागू होने का समय
कैनोला बीज (Canola Seed) शुल्क 84% से घटाकर 15% किया जाएगा 1 मार्च से
कैनोला मील, लॉबस्टर, केकड़े और मटर ‘भेदभाव-विरोधी’ टैरिफ पूरी तरह हटाए जाएंगे मार्च से साल के अंत तक

अमेरिका से अलग राह और चीन के साथ नई साझेदारी

प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस समझौते को चीन के साथ “व्यापक रणनीतिक साझेदारी” का हिस्सा बताया है। उन्होंने कहा कि यह “यथार्थवादी, सम्मानजनक और हितों पर आधारित” जुड़ाव को दर्शाता है। यह समझौता कनाडा की विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है, क्योंकि यह अमेरिका की चीन के प्रति सख्त नीति से अलग है। ओटावा अब वाशिंगटन के रास्ते पर चलने के बजाय अपने आर्थिक हितों को प्राथमिकता देते हुए चीन के साथ संबंधों को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।

पुराने व्यापार विवाद का अंत

यह समझौता राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ पीएम कार्नी की मुलाकात के बाद संभव हो पाया है, जिससे कई सालों से चले आ रहे व्यापार विवाद का अंत हो गया है। पिछली लिबरल सरकार ने कनाडा के ऑटो सेक्टर को बचाने के लिए 2024 के अंत में चीनी ईवी पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया था। इसके जवाब में, चीन ने मार्च 2025 में कनाडाई कृषि उत्पादों पर जवाबी शुल्क लगा दिए थे। मौजूदा समझौता इस “टिट-फॉर-टैट” (जैसे को तैसा) वाली लड़ाई को खत्म करता है।

विपक्ष ने उठाए सवाल

हालांकि इस डील का स्वागत हो रहा है, लेकिन घरेलू राजनीति में इसकी आलोचना भी शुरू हो गई है। कंजर्वेटिव नेता पियरे पोइलिवरे ने इस समझौते की आलोचना करते हुए सवाल उठाया है कि क्या टैरिफ में यह कटौती स्थायी है? उन्होंने प्रधानमंत्री कार्नी के पुराने बयानों की ओर भी इशारा किया, जिसमें कार्नी ने कभी चीन को कनाडा का “सबसे बड़ा सुरक्षा खतरा” बताया था। विपक्ष का कहना है कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर है और यह सुरक्षा से समझौता हो सकता है।

Last Updated: 17 January 2026

GulfHindi Desk

Serving Arab, India Live News Updates since 2018. You can share your feedback, requests on gulfhindi@gulfhindi.com