Yemen Attack: यमन के मोचा तट के पास कार्गो जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला, समुद्री सुरक्षा को लेकर चेतावनी जारी

Sushma Kumari18 August 20263 min read55 viewsYemen
Yemen Attack: यमन के मोचा तट के पास कार्गो जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला, समुद्री सुरक्षा को लेकर चेतावनी जारी

यमन के समुद्र तट के पास एक बार फिर से सुरक्षा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। 18 अगस्त 2026 को यमन के मोचा शहर के पास एक कार्गो जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया, जिससे जहाज को काफी नुकसान पहुंचा। यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि यह हमला मोचा से लगभग 40 नॉटिकल मील दक्षिण-पूर्व दिशा में हुआ। गनीमत यह रही कि जिस जहाज पर यह हमला हुआ, वह पूरी तरह से खाली था और उस पर कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था। इस घटना के तुरंत बाद UKMTO ने आसपास के समुद्र में सफर कर रहे अन्य जहाजों के लिए एक चेतावनी जारी कर दी है, जिसमें सभी नाविकों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करने की सलाह दी गई है, जबकि इस पूरे मामले की जांच लगातार जारी है।

समुद्र में बढ़ रहा है तनाव

यह समुद्री घटना ऐसे समय में सामने आई है जब इस पूरे इलाके में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। इससे पहले 17 अगस्त 2026 को हूती मिलिशिया ने यह दावा किया था कि उन्होंने मोचा तट के पास बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल करके एक मिलिशिया लैंडिंग जहाज और उसके साथ चल रही चार अन्य मिलिट्री नावों को निशाना बनाया। उनके दावे के अनुसार इस हमले में मुख्य जहाज को नुकसान पहुंचा और साथ चल रही नावें नष्ट हो गईं, हालांकि इन दावों की अभी तक किसी भी स्वतंत्र या आधिकारिक स्रोत से पुष्टि नहीं हो पाई है। इस तरह की घटनाओं से समंदर के रास्ते व्यापार करने वाली कंपनियों और नाविकों के मन में डर का माहौल बना हुआ है, जिससे समुद्री मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हो रही है।

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मोचा पोर्ट का कामकाज पूरी तरह ठप

दूसरी तरफ जमीन पर भी हालात कुछ खास ठीक नहीं चल रहे हैं। इससे ठीक पहले 16 अगस्त 2026 को मोचा पोर्ट के डायरेक्टर-जनरल Abdulmalik Al-Sharabi ने आधिकारिक रूप से यह पुष्टि की थी कि बंदरगाह पर सभी प्रकार के कमर्शियल और नेविगेशन संचालन पूरी तरह से बंद हो चुके हैं। बंदरगाह का यह कामकाज हूती गुट की तरफ से लगातार कई दिनों तक की गई भारी गोलाबारी के बाद बंद करना पड़ा। इस गोलाबारी के दौरान 25 से ज्यादा मिसाइलें दागी गईं, जिनकी वजह से सात लोगों की मौत हो गई और लगभग 16 मिलियन डॉलर का भारी नुकसान संपत्ति को हुआ है। लगातार हो रहे हमलों की वजह से आम जनजीवन और व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी हैं।

संयुक्त राष्ट्र ने जताई गहरी चिंता

इस बिगड़ते हालात को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जाने लगी है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्च आयुक्त Volker Türk ने 17 अगस्त 2026 को सरकार के नियंत्रण वाले इलाकों में लगातार बढ़ रहे आम नागरिकों के हताहत होने पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हालात ऐसे ही रहे तो यह क्षेत्र एक बार फिर से पूर्ण युद्ध की स्थिति में लौट सकता है। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की है कि वे संयम बरतें, अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का पूरा पालन करें और किसी भी स्थिति में आम नागरिकों की संपत्तियों और बुनियादी ढांचे को नुकसान से बचाएं ताकि इंसानी जिंदगियों को सुरक्षित रखा जा सके।

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