अमेरिका के रक्षा मुख्यालय CENTCOM ने उन खबरों को पूरी तरह से नकार दिया है जिनमें ईरान के IRGC ने अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मार गिराने का दावा किया था। ईरान का कहना था कि उसने जॉर्डन के Al-Azraq एयर बेस पर हमला कर तीन F-35 फाइटर जेट्स को नष्ट कर दिया है, लेकिन अमेरिकी सेना ने इसे गलत बताया है। इसके उलट, अमेरिका ने पुष्टि की कि उसने ईरान के दर्जनों ठिकानों पर हमले किए हैं।
तनाव के बीच क्या है असली स्थिति
CENTCOM ने बताया कि 28 और 29 जुलाई 2026 को ईरान की तरफ से दागी गई सभी बैलिस्टिक मिसाइलों को रास्ते में ही रोककर नष्ट कर दिया गया था। इन हमलों में किसी भी अमेरिकी सैनिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। जॉर्डन की सेना ने भी जानकारी दी कि उन्होंने अपनी सीमा की तरफ आ रही पांच मिसाइलों को सफलतापूर्वक हवा में ही मार गिराया। कतर ने भी इस हमले की निंदा की और इसे जॉर्डन की संप्रभुता का उल्लंघन बताया।
क्षेत्रीय अशांति और तेल की कीमतों पर असर
इस बढ़ते तनाव के कारण पूरी दुनिया में चिंता का माहौल है। 29 जुलाई 2026 को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 4% तक का उछाल देखा गया। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान की हरकतों पर कड़ी चेतावनी देते हुए इसे गंभीर परिणाम वाला बताया है। फिलहाल मध्य पूर्व में करीब 50,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, जिन्हें किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
