मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच United States Central Command (CENTCOM) ने 17 जुलाई 2026 को ईरान के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि सीरिया के Al-Tanf Garrison में अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई या उन्हें पकड़ा गया है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वहां तैनात उनके 50,000 से अधिक जवानों की सुरक्षा और तैनाती पूरी तरह सुरक्षित है।
लगातार जारी है अमेरिकी सैन्य कार्रवाई
अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर लगातार छठे दिन हवाई हमले जारी रखे। इन ऑपरेशंस में US fighter jets, अनमैन्ड एरियल व्हीकल और युद्धपोतों का इस्तेमाल किया गया। इन हमलों का मकसद ईरान की सैन्य शक्ति को कम करना है ताकि कमर्शियल शिपिंग लेन पर हो रहे हमलों का जवाब दिया जा सके। अमेरिका के अनुसार, इन हमलों में ईरान के कोस्टल सर्विलांस साइट्स, एयर डिफेंस सिस्टम और लॉजिस्टिक्स ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
क्षेत्रीय देशों पर प्रभाव
इस संघर्ष का असर अब आसपास के देशों पर भी दिख रहा है। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, हमलों में पुलों और ऊर्जा केंद्रों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, कुवैत के विदेश मंत्रालय ने पावर और डिसेलिनेशन प्लांट पर हुए हमले की निंदा की है, जबकि कतर में मिसाइल हमले के कारण एक बच्चे के घायल होने की सूचना मिली है। तनाव के इस माहौल में IRGC ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बनी हुई है।
