होरमुज़ जलडमरूमध्य में दो तेल टैंकरों में धमाके के दावों को US Central Command (CENTCOM) ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। 18 जुलाई 2026 को जारी बयान में अमेरिका ने ईरान के IRGC के दावों को झूठा बताया है। ईरान का दावा था कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की साजिश की वजह से उनके टैंकरों को बारूदी सुरंगों से नुकसान पहुँचा है।
लगातार सातवें दिन सैन्य हमले
अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर 17 जुलाई 2026 को लगातार सातवीं रात हवाई हमले किए। इन हमलों में Chah Bahar Shahid Kalantari Port पर बना निगरानी टावर नष्ट कर दिया गया, जिसका इस्तेमाल ईरान जहाजों पर नजर रखने के लिए करता था। वहीं, ईरान ने जवाबी कार्रवाई में कुवैत के Camp Udairi, Ali Al Salem Base और जॉर्डन के Al-Azraq Air Base को ड्रोन हमलों का निशाना बनाया। कुवैत ने अपने इलाके में ड्रोन गिराने की पुष्टि की है।
shipping और व्यापार पर असर
तनाव के चलते होरमुज़ के रास्ते व्यापार पर भारी असर पड़ा है। 17 जुलाई 2026 को यहाँ से केवल तीन कमोडिटी जहाज ही गुजर सके, जो मई महीने के बाद से सबसे कम संख्या है। ईरान के अधिकारी Mohsen Rezaei ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी हमले नहीं रुके, तो ईरान पूरी ताकत के साथ सैन्य अभियान चलाएगा। समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञ Joshua Tallis का मानना है कि इस माहौल में कमर्शियल ऑपरेटरों का भरोसा जीतना एक बड़ी चुनौती है।
