अमेरिकी सेना के CENTCOM ने ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों में समुद्री नाकाबंदी को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। 31 जुलाई 2026 तक की जानकारी के अनुसार, अमेरिकी सेना ने नियम तोड़ने वाले 30 व्यापारिक जहाजों का रास्ता बदल दिया है और 2 जहाजों को निष्क्रिय कर दिया है। इसके अलावा 2 जहाजों पर अमेरिकी मरीन ने चढ़कर जांच की है, जबकि लगभग 30 मानवीय सहायता ले जाने वाले जहाजों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी गई है।
नाकाबंदी का कारण और संचालन
अमेरिकी सेना 14 जुलाई 2026 से इस नाकाबंदी को लागू कर रही है, ताकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हो रहे हमलों और आवाजाही में आ रही बाधाओं को रोका जा सके। CENTCOM ने स्पष्ट किया है कि यह नाकाबंदी केवल ईरान से आने-जाने वाले जहाजों के लिए है और जो जहाज केवल हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे हैं, उन पर कोई प्रतिबंध नहीं है। चेतावनी न मानने वाले जहाजों के इंजन को CENTCOM बलपूर्वक बंद कर रहा है।
ईरान का दावा
इस पूरे मामले पर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अलग दावा किया है। उनका कहना है कि 31 जुलाई को उन्होंने अमेरिकी सुरक्षा घेरे में चल रहे दो टैंकरों पर हमला किया। ईरान का यह भी कहना है कि अमेरिकी कार्रवाई के कारण इस रास्ते से जहाज ले जाना फिलहाल मुमकिन नहीं है। यह तनाव अब फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी और अरब सागर के क्षेत्रों में बढ़ता दिख रहा है।
