ईरान के खिलाफ अमेरिका का कड़ा एक्शन, 45 कमर्शियल जहाजों को रोका, हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ा.

Sushma Kumari4 August 20262 min read45 viewsWorld
ईरान के खिलाफ अमेरिका का कड़ा एक्शन, 45 कमर्शियल जहाजों को रोका, हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ा.

अमेरिकी सेना के CENTCOM ने ईरान के खिलाफ अपनी नाकेबंदी को और ज्यादा सख्त कर दिया है। 4 अगस्त 2026 को दी गई जानकारी के अनुसार, अमेरिकी बलों ने कुल 45 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला है। इसके अलावा, सेना ने दो जहाजों को पूरी तरह से निष्क्रिय कर दिया और दो अन्य जहाजों पर सवार होकर उनकी जांच भी की है। इससे एक दिन पहले यानी 3 अगस्त को यह आंकड़ा 44 जहाजों का था, जो यह बताता है कि प्रतिबंधों का पालन करवाने के लिए अमेरिकी सेना अपनी कार्रवाई को लगातार तेज कर रही है।

हॉर्मुज में जहाजों की आवाजाही पर संकट

यह पूरी नाकेबंदी 14 जुलाई 2026 से लागू की गई थी, जिसे राष्ट्रपति Donald Trump के आदेश के बाद फिर से शुरू किया गया था। इस नियम के दायरे में वे सभी जहाज आते हैं जो ईरान के बंदरगाहों या तटीय इलाकों में जाने या वहां से निकलने की कोशिश करते हैं। अमेरिकी सेना उन जहाजों को तो जाने दे रही है जो नियमों का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं। हालांकि, सेना को अब ऐसे अधिकार दिए गए हैं कि अगर उन्हें किसी जहाज से खतरा महसूस होता है या ईरान की तरफ से कोई मिसाइल पोजिशन या छोटी तेज रफ्तार वाली नावें दिखती हैं, तो वे तुरंत कार्रवाई कर सकते हैं।

इस पूरे तनाव का सबसे ज्यादा असर Strait of Hormuz यानी हॉर्मुज जलडमरूमध्य में दिख रहा है। 3 अगस्त को यहां केवल नौ जहाज ही निकल पाए, जिनमें से कुछ ने ईरान द्वारा तय किए गए रास्तों का इस्तेमाल किया और इसके लिए तेहरान से तालमेल बिठाना पड़ा। इस समुद्री इलाके में लगातार घटनाएं हो रही हैं। बीते दिनों Liberia के झंडे वाले एक मालवाहक जहाज पर हमला हुआ, जो 2 अगस्त के बाद से इस तरह का चौथा मामला है। इस हमले के बाद जहाज का एक क्रू मेंबर अभी भी लापता बताया जा रहा है। इसके अलावा 4 अगस्त को यमन के पास एक भारतीय जहाज के डूबने की खबर आई, जो एक प्रोजेक्टाइल की चपेट में आ गया था।

बातचीत की स्थिति और सैन्य तैयारी पर असर

राष्ट्रपति Donald Trump का दावा है कि ईरान के साथ एक डील होने वाली है, जिससे हॉर्मुज का रास्ता फिर से खुल जाएगा और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर लगाम लगेगी। वहीं दूसरी ओर, ईरानी अधिकारियों ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि वे सीधे अमेरिका से बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि ओमान, कतर और पाकिस्तान के जरिए बातचीत कर रहे हैं। ईरान के साथ चल रहे इस पांच महीने पुराने संघर्ष ने अब अमेरिकी सेना की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, लंबी दूरी के सटीक मिसाइलों का भंडार तेजी से खत्म हो रहा है, जिससे अमेरिकी सेना की चिंताएं बढ़ गई हैं।

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