भारत के Chandrayaan-3 ने एक बार फिर पूरी दुनिया में देश का नाम रोशन किया है. अमेरिका के प्रतिष्ठित संस्थान AIAA ने इस मिशन को साल 2026 के Goddard Astronautics Award से नवाजा है. यह अवॉर्ड वाशिंगटन DC में एक खास समारोह के दौरान दिया गया, जिसने भारत की अंतरिक्ष ताकत को दुनिया के सामने रखा.
Chandrayaan-3 को यह अवॉर्ड क्यों मिला?
American Institute of Aeronautics and Astronautics (AIAA) ने ISRO को यह सम्मान चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव (south pole) के पास सफल लैंडिंग के लिए दिया है. संस्थान का कहना है कि इस मिशन ने चांद और उसके पार की हमारी समझ को बढ़ाने में बड़ी मदद की है. यह अवॉर्ड अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में मिलने वाला सबसे बड़ा सम्मान माना जाता है, जो रॉबर्ट एच. गॉडार्ड की याद में शुरू किया गया था.
अवॉर्ड किसने लिया और क्या बड़ी बातें कही गईं?
भारत की ओर से अमेरिका में तैनात राजदूत Vinay Mohan Kwatra ने यह अवॉर्ड लिया. उन्होंने इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के Space Vision 2047 के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि भारत अब गहरे अंतरिक्ष की खोज, इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने और कमर्शियल स्पेस सेक्टर को बढ़ाने पर काम कर रहा है. साथ ही उन्होंने अंतरिक्ष मिशनों में भारत और अमेरिका के बीच और ज्यादा तालमेल बनाने की बात कही.
AIAA के बड़े अधिकारियों की प्रतिक्रिया
- Daniel Hastings (AIAA President): उन्होंने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि उनके काम आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बनेंगे.
- Clay Mowry (AIAA CEO): उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों ने अंतरिक्ष विज्ञान की सीमाओं को आगे बढ़ाया है और भविष्य को नया आकार दिया है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
Goddard Astronautics Award क्या है?
यह AIAA द्वारा दिया जाने वाला अंतरिक्ष विज्ञान का सबसे बड़ा सम्मान है, जो किसी व्यक्ति या टीम को उनकी बड़ी उपलब्धियों के लिए दिया जाता है.
यह अवॉर्ड कब और कहां दिया गया?
यह अवॉर्ड 21 मई 2026 को अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में एक समारोह के दौरान दिया गया.
